Edited By Sunita sarangal,Updated: 24 Sep, 2026 04:38 PM

मिली जानकारी के गोराया की रहने वाली सुशीला को दो महिला डिलीवरी के लिए अस्पताल लेकर आई थी।
जालंधर(सोनू): सिविल अस्पताल में कृष्णा लैब के बाहर महिला ने बच्चे को जन्म दिया। केस की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद अस्पताल स्टाफ और कर्मी तुरंत स्टेचर लेकर कृष्णा लैब के बाहर पहुंचे और तुरंत महिला को उपचार के लिए गायनी वार्ड में लेकर चले गए।
मिली जानकारी के गोराया की रहने वाली सुशीला को दो महिला डिलीवरी के लिए अस्पताल लेकर आई थी। इस दौरान अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गई और कृष्णा लैब के बाहर महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। बताया जा रहा है कि महिला और बच्चे की हालत स्थिर है और दोनों का डॉक्टरों की देख-रेख में उपचार चल रहा है।
इस मामले में अस्पताल प्रशासन का भी बयान सामने आया है। उनके अनुसार सुबह जब उनके डॉक्टर राउंड पर जा रहे थे तो उन्होंने देखा कि एक महिला पैरों के भार जमीन पर बैठी हुई है। इसके बाद डॉक्टरों को लगा कि महिला शायद डिलीवरी करने की कोशिश कर रही है। उसी समय डॉक्टरों ने नर्स को फोन करके स्ट्रेचर और स्टाफ को बाहर बुला लिया लेकिन तब तक महिला की डिलीवरी हो चुकी थी। आगे उन्होंने बताया कि सुशीला ने पांचवें बच्चे को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि डिलीवरी के मौके पर डॉक्टर मौजूद थे। फिलहाल अब महिला और बच्चे की हालत ठीक है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज घर से ही लेट निकली थी जिसके चलते कृष्णा लैब के बाहर ही उसकी डिलीवरी हो गई। अगर वह थोड़ा जल्दी अस्पताल पहुंचते तो डिलीवरी आसानी से हो सकती थी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस घटना में लापरवाही मरीज और उसके परिजनों की है। क्योंकि एक तो वह थोड़ा देरी से आए और फिर बिना किसी को बताए सड़क पर ही डिलीवरी करने लगे। अगर वे किसी से बात कर लेते तो उन्हें एमरजेंसी में भी शिफ्ट किया जा सकता था।
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