Edited By Urmila,Updated: 02 Aug, 2026 12:56 PM

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पहुंचती दिखाई दे रही है।
पंजाब डेस्क : पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पहुंचती दिखाई दे रही है। पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग के बीच मतभेद लगातार तेज होते जा रहे हैं। दोनों नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधने के बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
मामला उस समय और गरमा गया जब चरणजीत चन्नी और उनके बेटे रिदमजीत सिंह की ओर से एक सोशल मीडिया रील साझा की गई। रील में संदेश दिया गया कि कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि जवाब नहीं दिया जाएगा और सही समय आने पर हर बात का हिसाब लिया जाएगा।
इस पर राजा वड़िंग ने पलटवार करते हुए कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया पर रील और पोस्ट डालने से चुनाव नहीं जीते जाते। उन्होंने कहा कि जनता उसी नेता को जिताती है जो जमीन पर काम करता है। इसी दौरान वड़िंग ने सिद्धू मूसेवाला का उदाहरण देते हुए सोशल मीडिया लोकप्रियता और चुनावी जीत के बीच अंतर बताया।
पूर्व विधायक की कार्रवाई पर भी भिड़े सुर
कांग्रेस के पूर्व विधायक मदनलाल जलालपुर को पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल के खिलाफ बयान देने के मामले में पार्टी से निलंबित किया गया था। इसके बाद चरणजीत चन्नी जलालपुर के घर पहुंचे। चन्नी ने इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आपसी मतभेद छोड़कर एकजुट होने का संदेश दिया।
चन्नी ने कहा कि मौजूदा समय एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने का नहीं, बल्कि पार्टी को मजबूत करने और आगामी चुनाव की तैयारी करने का है। उनका कहना था कि कांग्रेस नेताओं की लड़ाई आपस में नहीं, बल्कि चुनाव मैदान में विरोधी दलों से होनी चाहिए।
चन्नी के चुनावी प्रदर्शन और विदेश रहने पर वड़िंग का तंज
राजा वड़िंग ने चरणजीत चन्नी के 2022 के विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस चुनाव में मालवा क्षेत्र के कई बड़े नेता चुनाव हार गए थे और कांग्रेस को भी बेहद कम सीटें मिली थीं। वड़िंग ने चन्नी के चुनाव के बाद लंबे समय तक विदेश में रहने को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि वह चुनाव के बाद विदेश नहीं गए और पार्टी को मुश्किल दौर में जमीन पर रहकर मजबूत करने में जुटे रहे।
पटियाला-संगरूर में आमने-सामने आए गुट
कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान का असर 1 अगस्त को पटियाला और संगरूर में आयोजित कार्यक्रमों में भी देखने को मिला। समाना में एक कार्यक्रम के दौरान चन्नी समर्थकों ने राजा वड़िंग के खिलाफ नारेबाजी की और उनका विरोध किया।
इसके बाद संगरूर के कैलिफोर्निया रिजॉर्ट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ गया। यहां दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर कुर्सियां तक फेंकीं और नारेबाजी की। इस दौरान चन्नी के समर्थन में भी नारे लगाए गए।
आज की बैठकों पर भी टिकी नजर
कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल की आज बरनाला और मानसा में बैठकें हैं। पिछले दिनों हुए विवाद को देखते हुए इन बैठकों के दौरान भी पार्टी के अंदर चल रही खींचतान सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
जलालपुर का दावा- वड़िंग का हटना तय
पार्टी से निलंबित पूर्व विधायक मदनलाल जलालपुर ने भी राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। जलालपुर का दावा है कि आने वाले समय में प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव होना तय है। उन्होंने कहा कि वड़िंग को प्रदेश प्रधान के पद से हटाने की मांग को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। कुल मिलाकर, चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और गुटबाजी को लेकर बढ़ता टकराव पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि कांग्रेस हाईकमान इस अंदरूनी विवाद को किस तरह शांत करता है।
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