बठिंडा में 88 करोड़ के प्रोजेक्ट पर घमासान: फंड नहीं, फिर कैसे होंगे काम? प्रस्ताव पेंडिंग

Edited By Kalash,Updated: 02 Apr, 2026 04:23 PM

uproar over 88 crore project in bathinda

नगर निगम बठिंडा की वीरवार को हुई जनरल हाउस बैठक में करीब 88 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को लेकर जमकर हंगामा हुआ।

बठिंडा (विजय वर्मा): नगर निगम बठिंडा की वीरवार को हुई जनरल हाउस बैठक में करीब 88 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। पार्षदों ने सड़कों की मरम्मत और सफाई मशीनरी खरीद के प्रस्तावों पर कड़े सवाल उठाते हुए निगम की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताई। फंड की व्यवस्था स्पष्ट न होने के चलते दोनों बड़े प्रस्तावों को फिलहाल पेंडिंग कर दिया गया है। बैठक में कुल 11 प्रस्ताव मंजूरी के लिए रखे गए, जिनमें से कुछ को पास कर दिया गया, लेकिन सड़कों की सफाई और निर्माण से जुड़े अहम प्रस्तावों पर सहमति नहीं बन सकी। अब इन पर 7 अप्रैल को होने वाली अगली बैठक में विस्तृत चर्चा की जाएगी।

मशीनरी और सफाई पर बढ़ा खर्च 

नगर निगम द्वारा शहर की सड़कों की मशीनीकृत और गहन सफाई के लिए पहले 5.62 करोड़ रुपये का प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन चार बार टेंडर जारी होने के बावजूद कोई ठेकेदार सामने नहीं आया। इसके बाद नए सिरे से जीआईएस तकनीक और आधुनिक मशीनों को शामिल करते हुए लागत बढ़ाकर करीब 19.30 करोड़ रुपये कर दी गई। इसके अलावा आंतरिक सड़कों की सफाई के लिए 26.70 करोड़ रुपये और अलग से 12.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया। इस तरह कुल मिलाकर सफाई प्रोजेक्ट की लागत करीब 54 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

सड़क निर्माण पर भी 34 करोड़ का प्लान 

इसी के साथ नगर निगम ने विशेष अनुदान योजना के तहत सड़कों और गलियों के निर्माण पर करीब 34 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा। इसमें से 7 करोड़ रुपये पहले ही खर्च किए जा चुके हैं, जबकि बाकी कार्यों के लिए मंजूरी मांगी गई।

पार्षदों ने उठाए बड़े सवाल 

पार्षद मास्टर हरमंदर सिंह ने कहा कि निगम खुद मान रहा है कि उसके पास मौजूदा कार्यों और देनदारियों के लिए पर्याप्त फंड नहीं है, फिर 88 करोड़ रुपये के नए काम कैसे किए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना फंड के टेंडर जारी करने से ठेकेदार काम बीच में छोड़ देते हैं और मामला कोर्ट तक पहुंच जाता है, जिससे निगम की संपत्तियों पर कुर्की का खतरा बन जाता है। पार्षद संजीव बाबी ने भी योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य करने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि भविष्य में आर्थिक और कानूनी संकट से बचा जा सके।

मेयर ने दिया भरोसा 

मेयर पदमजीत सिंह मेहता और सीनियर डिप्टी मेयर शाम लाल जैन ने कहा कि दोनों प्रस्तावों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अगली बैठक में निगम की आय, फंड और संसाधनों का पूरा ब्यौरा पेश किया जाएगा, जिसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

दूषित पानी का मुद्दा भी गरमाया 

बैठक में पार्षद हरविंदर लड्डू ने शहर में दूषित पेयजल की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि लोगों को गंदा पानी मिल रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इस पर अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की मांग की गई।

चुनाव से पहले प्रोजेक्ट पास कराने की कोशिश

गौरतलब है कि नगर निगम का कार्यकाल इसी महीने समाप्त होने जा रहा है और कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है। ऐसे में सत्ताधारी पक्ष द्वारा बड़े प्रोजेक्ट पास कराकर उन्हें उपलब्धि के तौर पर पेश करने की कोशिश भी चर्चा में रही।

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