Edited By Subhash Kapoor,Updated: 15 Jul, 2026 06:11 PM

जालंधर में नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे टीम को उस समय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा, जब गांधी कैंप और सेक्टर-16 इलाके में घरों पर लगी यूनिक प्रॉपर्टी प्लेटों की जांच और ऑनलाइन अपडेट का काम किया जा रहा था।
जालंधर : जालंधर में नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे टीम को उस समय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा, जब गांधी कैंप और सेक्टर-16 इलाके में घरों पर लगी यूनिक प्रॉपर्टी प्लेटों की जांच और ऑनलाइन अपडेट का काम किया जा रहा था। स्थानीय लोगों को जब सर्वे कर रही टीम के कुछ सदस्य बाहरी राज्य के दिखाई दिए तो उन्हें संदेह हुआ कि कहीं फर्जी अधिकारी तो इलाके में नहीं घूम रहे। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और हंगामा शुरू हो गया। लोगों ने सर्वे कार्य रुकवा दिया और इलाके के पार्षद को इसकी सूचना दी।
पार्षद ने मौके पर पहुंचकर संबंधित कर्मचारियों को कार्यालय में बुलाया और उनके दस्तावेजों तथा पहचान की जांच करवाई। जांच के दौरान सभी अधिकारी और कर्मचारी नगर निगम की अधिकृत टीम के सदस्य पाए गए, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स इंस्पेक्टर राजविंदर गिल ने बताया कि शहर में प्रॉपर्टी रिकॉर्ड को अपडेट करने और प्लेटों के सत्यापन के लिए सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्य से होने के कारण कुछ कर्मचारियों को लेकर लोगों में भ्रम पैदा हो गया था। नगर निगम अब पार्षदों को सर्वे टीमों की सूची उपलब्ध करवाएगा, ताकि उनकी मौजूदगी में सर्वे कराया जा सके और लोगों में किसी प्रकार की आशंका न रहे।
नगर निगम प्रापर्टी टैक्स के सुपरिंटैंडेंट महिब सरीन का कहना है कि उक्त अधिकारी फर्जी नहीं हैं। दरअसल मैसेज कंपनी को जी.आई.एस. सर्वे के लिए कांट्रैक्ट दिया गया है। जिसके तहत आज अधिकारी सर्वे करने के लिए गांधी कैंप गए हुए थे।