Edited By Kamini,Updated: 23 Jul, 2026 06:58 PM

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने पेपर लीक के दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत किया।
दिल्ली/अमृतसर: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने पेपर लीक के दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस संसद में बहस से बचने के लिए विघटनकारी ताकतों के साथ मिलीभगत कर रही है।
प्रधानमंत्री के इस स्पष्ट संकल्प - "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है" - का स्वागत करते हुए चुघ ने कहा कि पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला दिखाता है कि मेहनती छात्रों का भविष्य चुराने वालों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को तेज न्याय और कठोरतम सजा मिलेगी। पेपर लीक माफिया, शिक्षा के सौदागरों और उन्हें बचाने वालों के लिए नए भारत में कोई जगह नहीं है।"
चुघ ने याद दिलाया कि 2014 से पहले देश में न कोई राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी थी और न ही पेपर लीक के खिलाफ कोई कानून। मोदी सरकार ने 2017 में NTA बनाई, 2024 में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम लाई और डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर बायोमेट्रिक-फेस ऑथेंटिकेशन तथा सख्त SOP लागू किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के परीक्षा व्यवस्था चलाई और पेपर लीक माफिया को फलने-फूलने दिया।
आंकड़े गिनाते हुए चुघ ने कहा कि कांग्रेस और उसके INDI गठबंधन के दलों की सरकारों में कुल 69 पेपर लीक हुए। इनमें से 53 अकेले कांग्रेस राज में, जिनमें 15 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के और 38 कांग्रेस शासित राज्यों के हैं। UPA काल में AIEEE, AIIMS प्रवेश परीक्षा, SSC CGL, CBSE 12वीं, रेलवे भर्ती और LIC भर्ती जैसी बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। उन्होंने बताया कि NEET मामले में जिस रवि अत्री का नाम सामने आया, वह 2011 में कांग्रेस राज में ही AIIMS पेपर लीक में शामिल था। राज्यों की बात करें तो अकेले कांग्रेस शासित राजस्थान में REET समेत 9 पेपर लीक हुए, पश्चिम बंगाल में TMC सरकार के 7 पेपर लीक हुए जिनमें कुख्यात SSC शिक्षक भर्ती घोटाला शामिल है, पंजाब में कांग्रेस राज में 2006 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक हुआ और झारखंड में JMM सरकार में 2021 से अब तक 5 पेपर लीक हो चुके हैं। चुघ ने कहा, "जिन्होंने युवाओं के भविष्य की यह लूट होने दी, वही आज छात्रों के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।"
राहुल गांधी की लगातार गुप्त विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हुए चुघ ने कहा कि देश जानता है कि कांग्रेस सामाजिक अशांति भड़काने की तैयारी में जुटी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद से इसलिए भाग रहे हैं क्योंकि कांग्रेस को डर है कि NEET और छात्रों-युवाओं से जुड़े मुद्दों पर खुली बहस से पार्टी के 6 दशकों का विश्वासघात, पाखंड और राजनीतिक शोषण बेनकाब हो जाएगा। चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह संसद में छात्रों-युवाओं से जुड़े हर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, "दशकों तक कांग्रेस ने युवाओं से अवसर छीने, भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाया और युवा भारतीयों की आकांक्षाओं को सिर्फ राजनीतिक नारा बनाकर रखा। आज जब संसद उन्हें अपना रिकॉर्ड सामने रखने का मौका दे रही है, तो वे बहस की जगह हंगामा चुन रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि सच उनके लिए राजनीतिक रूप से विनाशकारी है।"
चुघ ने कहा कि मोदी सरकार ने युवाओं के लिए नीयत को नतीजों में बदला है- रोजगार मेलों के जरिए 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र, PM विकसित भारत रोजगार योजना में Rs. 1 लाख करोड़ के प्रावधान से 3.5 करोड़ रोजगार का लक्ष्य, PMKVY से 1.6 करोड़ युवाओं का कौशल प्रशिक्षण, PM-SETU में Rs. 60,000 करोड़, स्टार्टअप 350 से बढ़कर 2.2 लाख, MUDRA से 12 करोड़ नए उद्यमी, विश्वविद्यालय 723 से बढ़कर 1,338, IIT 16 से 23 और AIIMS 8 से 23 हो गए हैं। बेरोजगारी दर 2017-18 के 6% से घटकर 2025 में 3.1% रह गई है और 2014-24 के दशक में 17 करोड़ रोजगार पैदा हुए, जबकि कांग्रेस के 2004-14 के दशक में सिर्फ 2.9 करोड़। उन्होंने कहा, "यही फर्क है युवाओं के लिए काम करने वाली सरकार और उन्हें सिर्फ ठगने वाली पार्टी में।"
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