Edited By Kamini,Updated: 25 May, 2026 02:54 PM

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने पंजाब के भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा है।
पंजाब डेस्क : भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने पंजाब के भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, ''भगवंत मान सरकार द्वारा शिक्षकों को नशा करने वालों की गणना जैसे कार्यों में लगाया जाना बेहद हास्यास्पद और दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षकों की सेवाओं का उपयोग स्कूलों के माध्यम से नशामुक्ति अभियान चलाने में किया जाना चाहिए था, लेकिन उन्हें घर-घर जाकर नशे के आदी लोगों की पहचान करने के काम में लगाया जा रहा है, जो वास्तव में पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों का दायित्व होना चाहिए।
तरुण चुघ ने आगे कहा कि, एक ओर भगवंत मान सरकार शिक्षकों को विदेश भेजने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं शिक्षकों को “ड्रग सेंसेस” जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में झोंक रही है। सरकारी स्कूलों के शिक्षक पहले ही राष्ट्रीय जनगणना, वोटर सूची संशोधन और कई अन्य गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों में लगे हुए हैं। नशे, ड्रग्स और मादक पदार्थों से संबंधित सर्वेक्षण पंजाब पुलिस, STF और कानून लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा किया जाना चाहिए था। लेकिन दुर्भाग्य से आज पंजाब पुलिस का अधिक ध्यान और उनके करीबी लोगों की सुरक्षा एवं राजनीतिक गतिविधियों के प्रबंधन में दिखाई देता है, बजाय इसके कि राज्य में फैले ड्रग नेटवर्क को तोड़ा जाए।
चुघ ने आगे कहा कि, भीषण गर्मी में शिक्षकों को कक्षाओं से बाहर निकालकर घर-घर सर्वे के लिए भेजा जा रहा है, जबकि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पहले ही गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। यह सुशासन नहीं बल्कि प्रशासनिक अराजकता का उदाहरण है। यदि आम आदमी पार्टी सरकार वास्तव में पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए गंभीर होती, तो यही शिक्षक स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने, परामर्श देने और सतर्कता कार्यक्रम संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे। पंजाब को हेडलाइन मैनेजमेंट और सर्वे की राजनीति नहीं चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि, पंजाब को चाहिए नशे के खिलाफ कठोर कार्रवाई, जवाबदेही और प्रभावी शासन।
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