Edited By Kamini,Updated: 19 Jun, 2026 01:26 PM

महानगर के प्रताप चौक स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के (ATM) को निशाना बनाकर की गई 17.98 लाख रुपये की सनसनीखेज महासेंधमारी के मामले को लुधियाना पुलिस ने पूरी तरह से ट्रेस कर लिया है।
लुधियाना (राज): महानगर के प्रताप चौक स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के (ATM) को निशाना बनाकर की गई 17.98 लाख रुपये की सनसनीखेज महासेंधमारी के मामले को लुधियाना पुलिस ने पूरी तरह से ट्रेस कर लिया है। पुलिस कमिश्नर (CP) स्वप्न शर्मा के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस की विशेष टीमों ने वारदात को अंजाम देने वाले 2 शातिर चोरों को जस्सा सिंह रामगढ़िया चौक (नजदीक बसंत पार्क) से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई रकम में से 13 लाख 75 हजार 700 रुपये की भारी नकदी और चोरी के पैसों से खरीदे गए 2 चमचमाते नए मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं।
इस हाई-प्रोफाइल मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP देहाती) जसकिरणजीत सिंह तेजा, ए.डी.सी.पी. जोन-2 करनवीर सिंह और ए.सी.पी. अनुभव जैन की योग्य अगुवाई में थाना डिवीजन नंबर 6 के मुख्य अफसर इंस्पेक्टर राजिंदरपाल सिंह की पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को बेनकाब किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुधांशु महाजन उर्फ शैंटी (उम्र 24 साल), वसीम खान उर्फ मोटू (उम्र 19 साल) के रूप में हुई है।
वारदात का तरीका और वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी लुधियाना में मजदूरी और दिहाड़ी का काम करते थे और आपस में गहरे दोस्त थे। मुख्य आरोपी सुधांशु महाजन अक्सर प्रताप चौक के पास फुटपाथ पर सो जाता था। भीषण गर्मी का मौसम होने के कारण सुधांशु ठंडी हवा खाने के बहाने कई बार रात के समय बैंक ऑफ बड़ौदा के ATM केबिन के भीतर ही सो जाया करता था, जिसके चलते उसे ATM की सुरक्षा और वहां के माहौल की पूरी समझ हो गई थी। पिछले कुछ दिनों से दिहाड़ी न मिलने और काम धंधा पूरी तरह मंदा होने के कारण उसके मन में लालच आ गया और उसने क्रेन व कटर मैकेनिज्म की समझ का इस्तेमाल कर ATM को काटने की नीयत बनाई।
योजना के मुताबिक, 12 और 13 जून 2026 की दरमियानी रात को सुधांशु ने अपने साथी वसीम खान उर्फ मोटू को साथ लिया। दोनों ने मिलकर आधी रात को ATM केबिन में प्रवेश किया और कटर व आधुनिक औजारों के बल पर ए.टी.एम. मशीन की मुख्य कैश ट्रे (Cash Trays) को झटके से तोड़ डाला। आरोपी मशीन के भीतर लॉक में रखी करीब 17 लाख 98 हजार रुपये की भारतीय करेंसी निकालकर रफूचक्कर हो गए थे।
टेक्निकल सर्विलांस और खुफिया तंत्र से दबोचे आरोपी
बैंक की वरिष्ठ मैनेजर नीलम रानी की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर 6 में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। इंस्पेक्टर राजिंदरपाल सिंह की टीम ने आधुनिक तकनीकी साधनों, डंप डाटा और खुफिया सोर्सों की मदद से दोनों संदिग्धों को ट्रैक किया। बीती 18 जून 2026 को पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को जस्सा सिंह रामगढ़िया चौक के पास धर दबोचा।
रिकवरी का विवरण
चोरीशुदा कुल कैश: करीब 17,98,000 रुपये
पुलिस द्वारा बरामद नकदी: 13,75,700 रुपये
अन्य बरामदगी: 2 कीमती मोबाइल फोन (जो आरोपियों ने चोरी के पैसों से अपने शौक पूरे करने के लिए खरीदे थे)।
DCP तेजा ने बताया कि आरोपियों ने बाकी के पैसे कहां खर्च किए हैं और इस वारदात में क्या कोई और बाहरी व्यक्ति भी इनके साथ शामिल था, इस बात का पता लगाने के लिए दोनों का रिमांड हासिल कर गहन पूछताछ शुरू कर दी गई है। इतनी बड़ी चोरी की वारदात को महज कुछ ही दिनों के भीतर सुलझाने पर पुलिस कमिश्नरेट ने थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है।
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