सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को नए सेशन में मिल सकती है यह सुविधा, विभाग ने शुरू की कवायद

Edited By Kamini,Updated: 25 Feb, 2022 09:55 PM

students of government schools can get this facility in the new session

शिक्षा विभाग बड़ी देर से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को ट्रांसपोर्ट सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना बना रहा है। हालांकि 2014 से.......

लुधियाना (विक्की) : शिक्षा विभाग बड़ी देर से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को ट्रांसपोर्ट सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना बना रहा है। हालांकि 2014 से इसकी बात चल रही है लेकिन अभी तक इसको अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। अब विभाग द्वारा सभी स्कूल प्रमुखों से उन विद्यार्थियों की सूचना मांगी गई है जो अपने स्कूल से दूर रहते हैं। विभाग द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार सभी स्कूल प्रमुख ई पंजाब पोर्टल पर यह जानकारी अपडेट करेंगे। इसके अनुसार प्राइमरी स्कूल के वह विद्यार्थी जो अपनी रिहायश से 1 किलोमीटर, मिडिल स्कूल के विद्यार्थी जो अपने घर से 3 किलोमीटर, हाई स्कूल के विद्यार्थी जो अपने से 5 किलोमीटर और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थी जो अपने से 10 किलोमीटर अथवा इससे अधिक का सफर तय करते हुए स्कूल पढ़ने आते हैं उनकी सूचना पोर्टल पर अपडेट की जानी है। 

वही स्कूल अध्यापकों का मानना है कि अगर विभाग द्वारा ट्रांसपोर्टेशन सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है तो सरकारी स्कूलों में बच्चों की गिनती और अधिक बढ़ेगी। हालांकि यह सुविधा कब शुरू हो रही है इस संबंध में अभी विभाग द्वारा कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। मौजूदा समय में अधिकतर गांव में प्राइमरी स्कूल तो हैं लेकिन मिडिल और हाई सेकेंडरी स्कूल नहीं है। इसके चलते स्टूडेंट्स को अपनी अपर प्राइमरी की पढ़ाई पूरी करने ले लिए दूसरे गांव या हाई सेकेंडरी की स्टडी के लिए शहर के स्कूलों में जाना पड़ता है जिसमे उनका बस या ऑटो का किराया ही काफी लग जाता है।  देखना यह है कि शिक्षा विभाग की यह पहल अब कब अमलीजामा पहन कर स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद साबित होती है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

पंजाब की खबरें Instagram पर पढ़ने के लिए हमें Join करें Click Here

अपने शहर की और खबरें जानने के लिए Like करें हमारा Facebook Page Click Here

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!