Edited By Kalash,Updated: 04 Aug, 2026 05:01 PM

जिला गुरदासपुर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एडीशनल जिला मेजिस्ट्रेट गुरसिमरन सिंह ढिल्लों ने विभिन्न पाबंदियों के आदेश जारी किए हैं।
गुरदासपुर (विनोद): जिला गुरदासपुर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एडीशनल जिला मेजिस्ट्रेट गुरसिमरन सिंह ढिल्लों ने विभिन्न पाबंदियों के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि गुरदासपुर जिले की सीमा के अंदर कोई भी व्यक्ति जानवरों को सड़कों या जनतक जगहों पर चराने के लिए नहीं जाएंगे और न ही आवारा छोड़ेंगे।
जारी एक अन्य आदेश में कहा गया है कि परिवार के मुखिया या दूसरे पुरुष और महिलाएं जो गुरदासपुर जिले की सीमा के अंदर या उसके गांवों या कस्बों में कुछ समय के लिए रह रहे हैं या बिजनेस कर रहे हैं, वे तुरंत इस बारे में अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन को जरूरी जानकारी दें। इसके अलावा अगर किसी बाहरी जिले का कोई रहने वाला उनसे मिलने आता है या उनके साथ रहता है, तो वे तुरंत पास के पुलिस स्टेशन में इसकी जरूरी जानकारी देंगे। वहीं कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति विवाह समारोह के मौके पर किसी भी तरह के हथियार के साथ गुरदासपुर जिले की सीमा के अंदर किसी भी पैलेस में एंट्री नहीं करेगा। इसके अलावा मैरिज पैलेस के मालिक यह यकीनी बनाने के लिए जरूरी इंतजाम करेंगे कि कोई भी व्यक्ति फंक्शन के दौरान मैरिज पैलेस में हथियार लेकर न जाए। इसके अलावा स्कूल/कॉलेज/गुरुद्वारे और मंदिरों में हथियार ले जाने पर पाबंधी लगा दी गई है।
जिला गुरदासपुर की सीमा के अंदर सभी साइबर कैफे मालिकों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को, जिसकी पहचान साइबर कैफे के मालिक द्वारा कन्फर्म नहीं की गई है, साइबर कैफे का इस्तेमाल न करने दें। विजिटर/यूजर की पहचान रजिस्टर में दर्ज की जानी चाहिए। विजिटर/यूजर को अपना नाम, पता, टेलीफोन नंबर और पहचान का सबूत वगैरह अपनी लिखावट में रजिस्टर में दर्ज करना चाहिए। विजिटर/यूजर की पहचान पहचान पत्र, वोटर कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और फोटो क्रेडिट कार्ड से की जानी चाहिए। एक्टिविटी सर्वर लॉग को मेन सर्वर में सेव किया जाना चाहिए और इसका रिकॉर्ड कम से कम 6 महीने तक मेन सर्वर में रखा जाना चाहिए। अगर आने वाले व्यक्ति की किसी भी एक्टिविटी पर कोई शक हो, तो साइबर कैफे के मालिक को पुलिस स्टेशन को सूचित करना चाहिए। व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कंप्यूटर का रिकॉर्ड दर्ज किया जाए।

गुरदासपुर जिले में कोई भी व्यक्ति साइकिल/रिक्शा/ट्रैक्टर/ठेला और कोई भी दूसरी गाड़ी जिसके आगे और पीछे लाइट न हो, बिना लाल रिफ्लेक्टर या कोई चमकदार टेप लगाए नहीं चलाएगा। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुरदासपुर जिले में किसी भी व्यक्ति के आलाईव रंग की यूनिफॉर्म, जीप/मोटरसाइकिल के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है।
एक अन्य आदेश अनुसार गुरदासपुर जिले में होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशाला के मालिकों/मैनेजरों के लिए वहां ठहरने वाले लोगों की पहचान का सबूत लेना और ऐसे सबूत के बारे में रजिस्टर में एंट्री करना जरूरी होगा और वे संबंधित पुलिस स्टेशनों को इसकी जानकारी देंगे। इसके साथ ही एक अन्य आदेश अनुसार पंजाब विलेज एंड स्मॉल टाउन्स पेट्रोल एक्ट, 1918 के सेक्शन 3 और इंडियन सिविल प्रोटेक्शन कोड, 2023 के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, सभी गांव की पंचायतों और धार्मिक जगहों की कमेटियों/बोर्डों/ट्रस्टों के प्रमुखों को अगले आदेश तक गुरदासपुर जिले के सभी धार्मिक जगहों पर ठीकरी पहरा लगाने का निर्देश दिया है। जारी आदेश में पीटर रेहड़ों पर स्कूली छात्रों को लाने तथा वापिस लेकर जाने पर भी रोक लगाई है। कहा गया है कि पीटर रेहड़े का हादसा होने पर स्कूल प्रबंधक कमेटी जिम्मेदार होगी। जिला गुरदासपुर की सीमा में रहने वाले सभी मकान मालिकों को आदेश दिया है कि वे संबंधित पुलिस स्टेशनों को बताए बिना नए किराएदार न रखें।
जिला गुरदासपुर की सीमा के अंदर हरे आम के पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अगर खास हालात में इन पेड़ों को काटना जरूरी हो, तो उन्हें सिर्फ फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की इजाजत से ही काटा जाए। गोधन की हत्या को रोकने के लिए जारी आदेश में गुरदासपुर जिले में शाम सूर्य डूबने के बाद और सुबह सूर्य निकलने से पहले मवेशियों को ले जाने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। इसके साथ ही कोई भी किसान बॉर्डर सिक्योरिटी फेंसिग और डिस्ट्रिक्ट गुरदासपुर में पड़ने वाले इंटरनेशनल बॉर्डर के भारतीय तरफ 50 गज (150 फीट) के एरिया में पापुलर व्हाइट ओक, बाग, गन्ना और दूसरी ऊंची फसलें वगैरह की काश्त नही करेगा तथा न ही उॅची ईमारत बनाएगा। यह सभी आदेश 19 सितम्बर 2026 तक लागू रहेंगे।
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