Edited By Subhash Kapoor,Updated: 04 Jun, 2026 05:49 PM

इंग्लैंड के साउथैम्प्टन में 18 वर्षीय हेनरी नोवाक की हत्या के मामले में अदालत ने दोषी विक्रम डिगवा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया है कि डिगवा को कम से कम 21 वर्ष जेल में बिताने होंगे।
लंदन : इंग्लैंड के साउथैम्प्टन में 18 वर्षीय हेनरी नोवाक की हत्या के मामले में अदालत ने दोषी विक्रम डिगवा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया है कि डिगवा को कम से कम 21 वर्ष जेल में बिताने होंगे।
यह मामला दिसंबर 2025 का है, जब 18 वर्षीय हेनरी नोवाक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि घटना के बाद डिगवा ने आपातकालीन सेवा को फोन कर खुद को पीड़ित के रूप में पेश किया था। उसने दावा किया था कि हेनरी ने उसके साथ नस्लीय दुर्व्यवहार किया और पहले उसी पर हमला किया था।
हालांकि, अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और जांच के आधार पर यह साबित हुआ कि डिगवा के ये सभी दावे झूठे थे। न्यायालय ने कहा कि इमरजेंसी कॉल के दौरान आरोपी द्वारा कही गई हर बात तथ्यों से मेल नहीं खाती थी। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि जिस समय डिगवा आपातकालीन कॉल कर रहा था, उसी समय गंभीर रूप से घायल हेनरी नोवाक सड़क पर जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, हेनरी ने पुलिस अधिकारियों से कई बार कहा कि वह सांस नहीं ले पा रहा है और उसे चाकू मारा गया है।
मामले ने उस समय और अधिक गंभीर रूप ले लिया जब जांच में यह आरोप भी सामने आया कि आरोपी की मां ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को छिपाने की कोशिश की थी। यह तथ्य भी अदालत में सुनवाई के दौरान चर्चा का विषय बना। अदालत ने सभी सबूतों, गवाहों के बयानों और घटनाक्रम का अध्ययन करने के बाद विक्रम डिगवा को हत्या का दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसले के बाद साउथैम्प्टन में लोगों ने हेनरी नोवाक के लिए न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।