Edited By Urmila,Updated: 06 Apr, 2026 06:02 PM

बॉर्डर जिले फिरोजपुर में नशा तस्करी को लेकर एक चिंताजनक बदलाव देखा जा रहा है, जहां महिलाएं अब इस गैर-कानूनी धंधे में नया चेहरा बनकर उभर रही हैं।
फिरोजपुर: बॉर्डर जिले फिरोजपुर में नशा तस्करी को लेकर एक चिंताजनक बदलाव देखा जा रहा है, जहां महिलाएं अब इस गैर-कानूनी धंधे में नया चेहरा बनकर उभर रही हैं। फिरोजपुर पुलिस ने हाल ही में जिले से करीब 20 महिला ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। पूरे पंजाब की बात करें तो पिछले तीन सालों में नशा तस्करी के आरोप में 3,000 से ज्यादा महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जो भारत में सबसे ज्यादा है। हैरानी की बात यह है कि राज्य में दर्ज कुल एन.डी.पी.एस. एफ.आई.आर. में से 10 परसेंट से ज्यादा अब महिलाओं के खिलाफ हैं।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस इलाके में नशा तस्करी अब 'फैमिली बिजनेस' बनता जा रहा है। कई मामलों में, जब परिवार के पुरुष सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आते हैं, तो महिलाएं इस धंधे की बागडोर संभाल लेती हैं। क्रॉस-बॉर्डर एजेंसियां भी महिलाओं को 'सेफ कूरियर' के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं क्योंकि उन पर आसानी से शक नहीं होता और वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए आसानी से ड्रग्स सप्लाई कर सकती हैं। हाल ही में हुई गिरफ्तारियों में, 31 मार्च को राजबीर कौर नाम की एक महिला को 3.115 kg हेरोइन और 11.50 लाख रुपये की ड्रग मनी के साथ पकड़ा गया था।
इसी तरह, फाजिल्का और गुरुहरसहाय में भी कई महिलाओं को आइस ड्रग्स और नशीली गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। पंजाब राज्य महिला कमीशन की चेयरपर्सन राज लाली गिल और साइकोलॉजिस्ट डॉ. मृदुल शर्मा ने इस रूझान पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि रोजगार की कमी, आर्थिक तंगी और जल्दी पैसा कमाने का लालच महिलाओं को इस रास्ते पर धकेल रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए नौकरी का प्रबंध किया जाए ताकि उन्हें इस जाल में फंसने से बचाया जा सके।
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