पुलिस के DSP का WhatsApp नंबर हैक! पुलिस ने लोगों को किया सावधान

Edited By Kalash,Updated: 29 Oct, 2026 02:55 PM

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पुलिस जिला खन्ना के डीएसपी (ट्रैफिक) करमवीर सिंह तूर का वॉट्सएप नंबर हैक होने की सूचना सामने आई है।

खन्ना (विनायक): पुलिस जिला खन्ना के डीएसपी (ट्रैफिक) करमवीर सिंह तूर का वॉट्सएप नंबर हैक होने की सूचना सामने आई है। इस संबंध में खन्ना पुलिस की ओर से सतर्कता सूचना जारी कर पत्रकारों, पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों को सावधान रहने की अपील की गई है। पुलिस ने आशंका जताई है कि संबंधित नंबर का दुरुपयोग कर लोगों को संदिग्ध संदेश भेजे जा सकते हैं या उनसे पैसों की मांग की जा सकती है।

पुलिस की ओर से जारी सूचना के अनुसार, संबंधित नंबर से आने वाले संदेशों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि इस नंबर से आर्थिक सहायता मांगने, पैसे ट्रांसफर करने या किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है, तो बिना पुष्टि के कोई कदम न उठाया जाए। पुलिस ने लोगों को निजी जानकारी, बैंक खाते का विवरण, पासवर्ड और ओटीपी साझा न करने की भी सलाह दी है।

पत्रकारों और पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने की अपील

खन्ना पुलिस ने पत्रकारों, पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से अपील की है कि वे इस सूचना को गंभीरता से लें। संबंधित नंबर से कोई असामान्य संदेश या आर्थिक लेन-देन का अनुरोध मिलने पर संबंधित अधिकारी से किसी अन्य विश्वसनीय माध्यम से संपर्क कर उसकी पुष्टि की जाए। केवल किसी अधिकारी का नाम, पद या तस्वीर दिखाई देने के आधार पर संदेश को वास्तविक न मानें। साइबर ठगी से बचने के लिए संदिग्ध लिंक खोलने से परहेज करने और बिना सत्यापन कोई भुगतान न करने की सलाह दी गई है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देने से संभावित आर्थिक नुकसान से बचने में मदद मिल सकती है।

सीबीआई अधिकारी और एसएचओ बनकर कथित धमकी भरे वॉट्सएप कॉल करने का मामला भी चर्चा में

इस बीच, खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का अधिकारी और थाना सदर खन्ना का एसएचओ बताकर कथित तौर पर धमकी भरे वॉट्सएप कॉल करने तथा एक महिला के प्रति अभद्र एवं अश्लील टिप्पणियां करने से जुड़ा एक अन्य मामला भी चर्चा में है। इस मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति ने अधिकारियों की पहचान का कथित दुरुपयोग करते हुए फोन किए और धमकियां दीं। शिकायतकर्ता के अनुसार, मामला पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और खन्ना की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. दर्पण आहलूवालिया के संज्ञान में भी लाया गया है। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

शिकायत में कथित तौर पर अधिकारियों के नाम और पद का इस्तेमाल कर पहचान छिपाने, धमकियां देने तथा परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई गई है। शिकायतकर्ता ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की निगरानी में करवाने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें न्याय मिलने और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

पहचान के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग

डिजिटल माध्यमों पर मोबाइल नंबर, पहचान और सरकारी अधिकारियों के नाम का कथित दुरुपयोग गंभीर जांच का विषय है। ऐसे मामलों में कॉल विवरण, वॉट्सएप संदेशों और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, डीएसपी के वॉट्सएप नंबर से संबंधित घटना और अधिकारी बनकर कथित धमकी भरे कॉल करने के मामले के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

खन्ना पुलिस की सतर्कता सूचना के मद्देनजर लोगों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध वॉट्सएप संदेश, धमकी भरे कॉल या आर्थिक मांग पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। ऐसे मामलों में संबंधित पुलिस अधिकारियों को सूचना दें और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में उनका उपयोग किया जा सके।

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