Edited By Sunita sarangal,Updated: 18 May, 2026 03:20 PM

पुलिस के हत्थे चढ़े इन दोनों आरोपियों की पहचान अनुराज उर्फ गौरव मसीह और अंकुश के रूप में हुई है, जो जालंधर के फिल्लौर के रहने वाले हैं।
लुधियाना(राज): पंजाब को पूरी तरह सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने के अभियान के तहत लुधियाना पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस (CI) पंजाब की संयुक्त टीम को एक और बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। सरहद पार से रची जा रही एक खौफनाक अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने इस गिरोह के दो गुर्गों (शूटरों) को हथियारों के बड़े जखीरे के साथ दबोच लिया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने सोमवार को चंडीगढ़ में इस हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल टेरर-गैंगस्टर नेक्सस (Transnational Terror-Gangster Nexus) के भंडाफोड़ की आधिकारिक पुष्टि की है।
पुलिस के हत्थे चढ़े इन दोनों आरोपियों की पहचान अनुराज उर्फ गौरव मसीह और अंकुश के रूप में हुई है, जो जालंधर के फिल्लौर के रहने वाले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी अंकुश एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले भी गोराया थाने में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का मामला दर्ज है। पुलिस ने इनके पास से 2 पिस्तौल (.30 बोर) और 1 पिस्तौल (.315 बोर) समेत 11 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, वारदात में इस्तेमाल की जा रही बिना नंबर वाली एक बजाज सीटी 100 मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
डी.जी.पी. गौरव यादव ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि ये दोनों आरोपी जर्मनी और दुबई (यू.ए.ई.) में बैठे अपने विदेशी आकाओं (Handlers) के सीधे निर्देश पर काम कर रहे थे। विदेशी हैंडलर्स ने इन्हें पंजाब के कुछ बेहद हाई-प्रोफाइल चेहरों को निशाना बनाने और टारगेट किलिंग को अंजाम देने का टास्क सौंपा था। पुलिस ने वक्त रहते मुस्तैदी दिखाते हुए इन दोनों को दबोच लिया, जिससे सूबे में होने वाली कई बड़ी और सनसनीखेज वारदातें टल गईं।
ऑपरेशन की पूरी कहानी बयां करते हुए लुधियाना के पुलिस कमिश्नर (CP) स्वपन शर्मा ने बताया कि सी.आई.ए. स्टाफ (CIA Staff) और काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना की संयुक्त टीम ने लाडोवाल थाने के अधिकार क्षेत्र में विशेष नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान पुख्ता खुफिया इनपुट मिला कि दो हथियारबंद बदमाश हार्डी वर्ल्ड (Hardy's World) इलाके के पास किसी बड़ी और सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़े हैं। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए तुरंत घेराबंदी की और एक सफल रेड के दौरान दोनों संदिग्धों को दबोच लिया।
पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में दोनों ने कबूला है कि वे विदेशों से सीधे ऑपरेट होने वाले एक संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य हैं। इन विदेशी आकाओं ने अपने खुफिया नेटवर्क का इस्तेमाल कर इन तक हाई-ग्रेड हथियार पहुंचाए थे और इन्हें कुछ 'हाई-वैल्यू टारगेट्स' को खत्म करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस मामले में लुधियाना के थाना लाडोवाल में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 के तहत एफआईआर नंबर 91 दर्ज कर ली गई है। डीजीपी ने साफ किया है कि इस पूरे नेटवर्क की अगली-पिछली कड़ियों (Forward and Backward Linkages) को खंगालने और इनके बाकी साथियों को बेनकाब करने के लिए जांच अभी जारी है।
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