पेंशन लेने वाले फौजियों के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला, पढ़ें..

Edited By Vatika,Updated: 09 May, 2026 12:27 PM

punjab and haryana high court delivers significant verdict for military pensione

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि भारतीय सेना का कोई भी जवान

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि भारतीय सेना का कोई भी जवान यदि सेवा के दौरान 20 फीसदी से कम दिव्यांग होता है, तब भी वह दिव्यांगता पेंशन पाने का हकदार है। अदालत ने केंद्र सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि 20 फीसदी से कम दिव्यांगता होने पर पेंशन का लाभ नहीं दिया जा सकता।

इसी टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका को खारिज करते हुए आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (AFT) के 2019 के आदेश को बरकरार रखा। जस्टिस Harsimran Singh Sethi और Deepak Manchanda की डिवीजन बेंच केंद्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मेडिकल कारणों से सेना से मुक्त किए गए जवान को दिव्यांगता पेंशन देने से इनकार करने की मांग की गई थी। साथ ही AFT के आदेश को चुनौती दी गई थी।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि जब सेवा से मुक्त होने का कारण सेवा के दौरान बढ़ी दिव्यांगता है, तो यह दलील स्वीकार नहीं की जा सकती कि संबंधित जवान को दिव्यांगता पेंशन का लाभ न दिया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि राज्य इस तथ्य को खंडित करने में असमर्थ रहा कि दिव्यांगता के बावजूद अधिकारी सेवा में बने नहीं रह सकते थे। याचिका खारिज करते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के बीच हुआ आंतरिक पत्राचार सुप्रीम कोर्ट द्वारा घोषित कानून को नहीं बदल सकता।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!