Edited By Subhash Kapoor,Updated: 15 May, 2022 08:47 PM

पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के गठन के बाद सरकारी कामकाजों में भ्रष्टाचार को मिटाने और दोबारा पारदर्शिता लाने की कवायद के दावे किए जा रहे हैं, ताकि जनता में नई सरकार की विश्वास वाली छवि को कायम रखा जा सके।
लुधियाना (स्याल): पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के गठन के बाद सरकारी कामकाजों में भ्रष्टाचार को मिटाने और दोबारा पारदर्शिता लाने की कवायद के दावे किए जा रहे हैं, ताकि जनता में नई सरकार की विश्वास वाली छवि को कायम रखा जा सके। लेकिन कुछ सरकारी अधिकारी वैल्फेयर के नाम पर कथित रूप से करप्शन फैलाने से बाज नहीं आ रहे। यह मामला पंजाब के जेल प्रशासन से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें बीते दिनों जालंधर-कपूरथला जेल में नींबु खरीदने के मामले को लेकर एक अधिकारी पर निलंबन की भी गाज गिर चुकी है। लेकिन अब बाकी जेलों में ऐसी कोई स्थिति सरकार की किरकिरी न करवाए, इसके लिए भी जेल प्रशासन ने अपनी आंखे-कान पूरी तरह से खोलकर रखे हुए हैं।
इसी कड़ी को लेकर आज लुधियाना की ताजपुर रोड सैंट्रल जेल में बिना किसी पूर्व सूचना के डी.आई.जी. (जेल) सुरिन्द्र सिंह सैनी ने आकर विशेष चैकिंग की और जेल का पिछले कुछ महीनों का लेखा-जोखा देखा। जेल सूत्रों ने बताया कि स्थानीय किसी अधिकारी को डी.आई.जी. के इस दौरे की कोई खबर नहीं थी। सूत्र बताते हैं कि सरकार की नजर जेलों में खरीद कर आने वाले सामान पर है, क्योंकि कई बार कैदी-हवालाती जेल में नियमों के अनुसार मिलने वाली सुविधाओं में कमी का आरोप लगाते हैं और इन दिनों तो आए दिन जेल के परिसर में होने वाली लगभग हर गतिविधि की खबर बाहर आ जाती है। इसलिए पंजाब सरकार ने जेलों की सुरक्षा को पुख्ता करने व फंडों को किसी भी तरह से दुरुपयोग करने से रोकने के लिए उच्चाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
हालांकि सरकारी सूत्र तो इस कदम से किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का पूरा खात्मा करने के दावे करते हैं, लेकिन अगर भविष्य में फिर से जेल परिसरों में किसी तरह के कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया तो, इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।