अब घरों में ठहरेंगे Tourists... होटल का झंझट खत्म, Chandigarh में शुरू होने जा रही नई स्कीम

Edited By Kamini,Updated: 11 Apr, 2026 12:50 PM

new scheme is set to launch in chandigarh

चंडीगढ़ में आने वाले टूरिस्टों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।

पंजाब डेस्क : चंडीगढ़ में आने वाले टूरिस्टों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, अब चंडीगढ़ में टूरिस्टों को महंगे होटलों का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। क्योंकि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन एक नई पहल की तैयारी में है। अब शहर में आने वाले पर्यटकों को महंगे होटलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, क्योंकि वे जल्द ही शहर के आलीशान घरों में ठहर सकेंगे।

‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ स्कीम होगी लागू 

इस योजना के तहत चंडीगढ़ प्रशासन ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ स्कीम लागू करने जा रहा है। इसके जरिए मकान मालिक अपने घर के कमरों को पर्यटकों को किराए पर दे सकेंगे। खास बात यह है कि इससे होने वाली कमाई पर उन्हें कमर्शियल दरों के बजाय घरेलू दरों पर ही टैक्स और बिजली बिल देना होगा, यानी घर को कमर्शियल इकाई नहीं माना जाएगा। प्रशासन ने इस स्कीम के लिए पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और 14 अप्रैल तक आम लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। सुझावों के आधार पर अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को लागू कर दिया जाएगा। इससे जहां पर्यटकों को किफायती और आरामदायक ठहरने का विकल्प मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा।

पॉलिसी की मुख्य शर्तें और नियम

  • घर के साइज को लेकर कोई पाबंदी नहीं होगी।
  • मकान मालिक अधिकतम 8 कमरे टूरिस्ट को किराए पर दे सकेगा।
  • घर पूरी तरह रिहायशी होना चाहिए और सामान्य मकान जैसा दिखना जरूरी है।
  • घर छोटा हो या बड़ा हो लेकिन हर कमरे के साथ अटैच्ड बाथरूम और वेस्टर्न टॉयलेट अनिवार्य होगा।
  • टूरिस्ट के लिए पर्याप्त पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
  • सभी कमरों में हवा और रोशनी का उचित प्रबंध जरूरी है।
  • कमरों में आरामदायक फर्नीचर और अधिकतम 2 बेड रखने की अनुमति होगी।
  • कमरे साफ-सुथरे और रहने योग्य होने चाहिए।
  • सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
  • किराए की Rate List स्पष्ट और प्रदर्शित करनी होगी।

नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई

  • चंडीगढ़ प्रशासन की प्रस्तावित ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ स्कीम में नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। पॉलिसी के तहत कुछ अहम नियम तय किए गए हैं, जिनका पालन करना मकान मालिकों के लिए अनिवार्य होगा।
  • सबसे पहले, घर पूरी तरह रिहायशी होना चाहिए। बाहर से यह एक सामान्य घर जैसा ही दिखना चाहिए और किसी भी तरह का फ्रंट ऑफिस या कमर्शियल काउंटर बनाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, घर से किसी अन्य प्रकार का व्यवसाय चलाने पर भी रोक रहेगी, जैसे टूर एंड ट्रेवल्स, क्लाउड किचन या बाहरी लोगों के लिए डाइन-इन सुविधा।
  • पॉलिसी में पड़ोसियों की सुविधा का भी खास ध्यान रखा गया है। किसी भी ऐसी गतिविधि की इजाजत नहीं होगी जिससे आसपास के लोगों की शांति या निजता प्रभावित हो। शोर-शराबा और अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचना जरूरी होगा।
  • भोजन को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मेहमानों को केवल साफ-सुथरे माहौल में तैयार किया गया गुणवत्तापूर्ण खाना ही परोसा जा सकेगा।
  • प्रशासन ने साफ किया है कि इन सभी नियमों का पालन अनिवार्य होगा। यदि कोई मकान मालिक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है या उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। 
  • अगर कोई मकान मालिक नियमों का उल्लंघन करता है तो 5 हजार से लेकर 20 हजार तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर मकान मालिक आपराधिक मामले में दोषी पाया गया या नियमों का उल्लंघन बार-बार करता है तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा।

पहले भी लागू की गई थी ये पॉलिसी

आपको बता दें कि, 2008 में भी ये पॉलिसी लागू की गई थी लेकिन लोगों द्वारा बार-बार नियमों का उल्लंघन किया गया। लोगों ने अपने घर-कोठियों को मिनी होटलों में तबदील कर दिया था। टूरिस्ट को घरेलू वातावरण देने क लिए पॉलिसी शुरू की थी लेकिन लोगों ने इसे कमर्शियल बना दिया कर इसका गलत इस्तेमाल किया।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!