नई DC पूनमदीप कौर के कंधों पर होगी संगरूर की बागडोर, अनुभव और चुनौतियों का अनोखा संगम

Edited By Vatika,Updated: 07 May, 2026 10:56 AM

new dc poonamdeep kaur

पंजाब सरकार ने 2013 बैच की आईएएस अधिकारी पूनमदीप कौर को जिला संगरूर का नया डिप्टी कमिश्नर

संगरूर (विवेक सिंधवानी/रवि): पंजाब सरकार ने 2013 बैच की आईएएस अधिकारी पूनमदीप कौर को जिला संगरूर का नया डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब संगरूर जिला कई प्रशासनिक, सामाजिक और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों से जूझ रहा है। बरनाला और फरीदकोट जैसे जिलों में अपनी प्रशासनिक दक्षता का लोहा मनवा चुकीं पूनमदीप कौर के सामने अब संगरूर एक नई परीक्षा की तरह है। पूनमदीप कौर कोई नया नाम नहीं है पंजाब के प्रशासनिक गलियारों में। 2013 बैच की इस आईएएस अधिकारी ने बरनाला और फरीदकोट में डिप्टी कमिश्नर के तौर पर अपनी सेवाएं देते हुए जमीनी प्रशासन की गहरी समझ हासिल की है। बरनाला जैसे छोटे किंतु संवेदनशील जिले में उन्होंने विकास कार्यों को गति दी, जबकि फरीदकोट में उनका कार्यकाल प्रशासनिक सुधारों के लिए उल्लेखनीय रहा। अब संगरूर जैसे बड़े और जटिल जिले की कमान संभालना उनके करियर का एक अहम पड़ाव है।

संगरू, एक जटिल जिले की तस्वीर
संगरूर जिला पंजाब के उन जिलों में शुमार है जो राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। एक तरफ जहां यह जिला कृषि प्रधान है और किसानों की समस्याएं यहां के प्रशासन के लिए हमेशा प्राथमिकता रही हैं, वहीं दूसरी तरफ नशे की समस्या, बेरोजगारी और औद्योगिक विकास की धीमी रफ्तार भी यहां के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

नशे की समस्या — सबसे बड़ी चुनौती
संगरूर जिले में नशे की समस्या किसी से छुपी नहीं है। युवा पीढ़ी इस दलदल में धंसती जा रही है और पिछले कई वर्षों से यह मुद्दा जिला प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ है। नई डीसी पूनमदीप कौर के सामने यह सबसे बड़ी और तात्कालिक चुनौती होगी कि वे नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कारगर रणनीति बनाएं।

किसान समस्याएं और कर्ज का बोझ
संगरूर का किसान आज भी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। फसलों का उचित मूल्य न मिलना, सिंचाई की समस्याएं और मंडीकरण में आने वाली अड़चनें यहां के किसानों की मुख्य पीड़ा हैं। पूनमदीप कौर के लिए यह जरूरी होगा कि वे किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करें और किसान-प्रशासन के बीच संवाद का पुल मजबूत करें।|

औद्योगिक विकास की दरकार
संगरूर में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं लेकिन निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना होगा। नई डीसी के सामने यह चुनौती होगी कि वे उद्योगपतियों और सरकार के बीच तालमेल बिठाते हुए जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा करें।संगरूर की जनता नई डीसी से बड़ी उम्मीदें लेकर बैठी है। लोग चाहते हैं कि एक संवेदनशील, ईमानदार और सक्रिय अधिकारी उनकी समस्याएं सुने और उनका त्वरित समाधान करे। पूनमदीप कौर का पिछला रिकॉर्ड बताता है कि वे जमीन से जुड़कर काम करने में विश्वास रखती हैं, जो संगरूर जैसे जिले के लिए बेहद जरूरी है। निस्संदेह, पूनमदीप कौर के सामने चुनौतियां बड़ी हैं लेकिन उनका अनुभव और प्रशासनिक समझ उन्हें इन चुनौतियों से पार पाने में सक्षम बनाती है। संगरूर की जनता को उम्मीद है कि नई डीसी के नेतृत्व में जिले का चहुंमुखी विकास होगा और आम आदमी की जिंदगी आसान बनेगी।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!