Edited By Vatika,Updated: 07 May, 2026 11:00 AM

पंजाब के राजनीतिक और सामाजिक केंद्र संगरूर की सुरक्षा व्यवस्था में आज एक नए और प्रेरणादायी अध्याय की शुरुआत हुई है।
संगरूर(विवेक सिंधवानी, रवि): पंजाब के राजनीतिक और सामाजिक केंद्र संगरूर की सुरक्षा व्यवस्था में आज एक नए और प्रेरणादायी अध्याय की शुरुआत हुई है। 2015 बैच की प्रखर आईपीएस अधिकारी डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल ने जिले की नई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में कमान संभाल ली है। डॉ. ग्रेवाल की नियुक्ति संगरूर के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि वे केवल एक पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि अकादमिक जगत की एक 'गोल्डन गर्ल' रही हैं।
डॉक्टर से 'टॉपर' और फिर पुलिस कप्तान का सफर
पटियाला से संबंध रखने वाली डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल का सफर किसी मिसाल से कम नहीं है। एक सैन्य कर्नल की बेटी होने के नाते उनमें अनुशासन कूट-कूट कर भरा है। उन्होंने हैदराबाद के 'आर्मी कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज' से बीडीएस की डिग्री प्राप्त कर बतौर डेंटल सर्जन अपने करियर की शुरुआत की थी। उनकी मेधा का लोहा तब पूरा पंजाब मान गया जब उन्होंने 2014 की पंजाब सिविल सेवा परीक्षा में पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया। लेकिन उनका लक्ष्य और भी ऊंचा था। पीसीएस टॉपर बनने के ठीक एक साल बाद, उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर ऑल इंडिया 109वां रैंक हासिल किया और आईपीएस बनकर खाकी को अपनी कर्मभूमि चुना।
खाकी का 'पावर कपल'
डॉ. रवजोत का निजी जीवन भी कर्तव्यपरायणता की एक अनूठी मिसाल है। उनके पति, नवनीत सिंह बैंस (IPS), वर्तमान में जगराओं के एसएसपी के रूप में तैनात हैं। पंजाब पुलिस के इस 'पावर कपल' की छवि बेहद ईमानदार और सख्त अधिकारियों की है।
संगरूर के मैदान में डॉ. ग्रेवाल के सामने 'अग्निपरीक्षा'
एक सैन्य पृष्ठभूमि, प्रशासनिक अनुभव (पूर्व एसडीएम) और इंटेलिजेंस में गहरी पकड़ रखने वाली डॉ. ग्रेवाल के सामने संगरूर की दहलीज पर कुछ कठिन चुनौतियां खड़ी हैं:
नशे के नेटवर्क पर प्रहार: संगरूर में नशे की सप्लाई लाइन को ध्वस्त करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। काउंटर इंटेलिजेंस में उनके अनुभव का लाभ तस्करी के सिंडिकेट को जड़ से मिटाने में मिलेगा।
गैंगस्टर कल्चर पर लगाम: संगठित अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति लागू करना उनके कार्यकाल की बड़ी कसौटी होगी।
महिला सुरक्षा और पब्लिक फ्रेंडली पुलिसिंग: एक महिला अधिकारी के तौर पर जिले की महिलाओं और बच्चियों में सुरक्षा का भाव पैदा करना और पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को बहाल करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
तकनीकी पुलिसिंग: टेक्निकल सर्विसेज में एआईजी रहने के नाते, उनसे उम्मीद है कि वे संगरूर पुलिस को आधुनिक तकनीक और साइबर अपराध से निपटने के लिए और अधिक सक्षम बनाएंगी। डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल का संगरूर आना अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है। उनकी 'सर्जिकल स्ट्राइक' वाली कार्यशैली और स्थिति को भांपने की 'डॉक्टरी सटीकता' निश्चित रूप से जिले की कानून-व्यवस्था में बड़े बदलाव लाएगी। संगरूर की जनता एक ऐसे नेतृत्व की प्रतीक्षा में थी जो अनुशासन और संवेदनशीलता का मिश्रण हो, और डॉ. ग्रेवाल उस खांचे में पूरी तरह फिट बैठती हैं।