Edited By Vatika,Updated: 06 Jul, 2026 09:09 AM

महानगर में बेखौफ घूम रहे अपराधियों और खूंखार तत्वों का तांडव इस कदर बढ़ चुका है कि
लुधियाना, (राज): महानगर में बेखौफ घूम रहे अपराधियों और खूंखार तत्वों का तांडव इस कदर बढ़ चुका है कि अब घरों के बाहर खड़े लोग भी सुरक्षित नहीं हैं। ऐसा ही एक रूह कँपा देने वाला और सनसनीखेज कत्ल का मामला सामने आया है, जहाँ घर के बाहर गली में खड़े एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते बदमाश रवि कुमार उर्फ चिच्चड़ ने अपने साथियों के साथ मिलकर तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। भाई को लहूलुहान हालत में बचाने आए पूरे परिवार की भी बदमाशों ने बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से जख्मी युवक ने लुधियाना के डीएमसी (DMC) अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मुद्दई के बयानों के आधार पर मुख्य आरोपी रवि कुमार उर्फ चिच्चड़ और उसके साथियों के खिलाफ हत्या (IPC 302/BNS के तहत कत्ल), सांझा वार और मारपीट की संगीन धाराओं के तहत एफ.आई.आर. (FIR) दर्ज कर ली है।
'जान से मारने की धमकियां' देते हुए मौके से फरार
पुलिस को दिए अपने बयानों में इन्दरसिंह ने बताया कि उसका बड़ा भाई इंद्रजीत सिंह उर्फ चन्नी घर के बाहर गली में खड़ा था। इसी दौरान अचानक गली में भारी शोर-शराबा, गाली-गलौज और चीख-पुकार की आवाजें गूंजने लगीं। हंगामे की आवाज सुनकर जब मैं, और मेरे बुजुर्ग पिता माता तुरंत घर का मुख्य दरवाजा खोलकर बाहर दौड़े, तो बाहर का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। गली में उनका भाई इंद्रजीत सिंह उर्फ चन्नी खून से लथपथ पड़ा था और मुख्य आरोपी रवि कुमार उर्फ चिच्चड़ अपने अज्ञात गुंडों के साथ मिलकर मारू हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ वार कर रहा था। अपने भाई इंद्रजीत को तड़पता देख जब पूरे परिवार ने हिम्मत दिखाई और हमलावरों के चंगुल से चन्नी को छुड़ाने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने उस पर और बीच-बचाव करने आए बुजुर्ग माता-पिता पर भी ल हथियारों से हमला बोल दिया और उनकी बेरहमी से कुटमार की। जब आस-पास के लोग इकट्ठा होने लगे, तो आरोपी हवा में हथियार लहराते हुए और पूरे परिवार को 'जान से मारने की धमकियां' देते हुए बड़ी आसानी से मौके से फरार हो गए।
रवि चिच्चड़ और उसके गुर्गों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी
वारदात के तुरंत बाद बदहवास परिजन खून से लथपथ इंद्रजीत सिंह उर्फ चन्नी को लेकर तुरंत दयानंद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (DMC Hospital) भागे। चन्नी के शरीर और सिर पर काफी गहरे और गंभीर घाव लगे थे, लेकिन दौरान-ए-इलाज (इलाज के दौरान) जख्मों के ताव न सहते हुए चन्नी की मौत हो गई। जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के पुराने क्रिमिनल रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं जो रवि चिच्चड़ और उसके गुर्गों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि कातिलों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।