Edited By Urmila,Updated: 02 Nov, 2026 01:05 PM

दीवाली से करीब 8 दिन पहले शहर में तड़के हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है।
जालंधर (खुराना): दीवाली से करीब 8 दिन पहले शहर में तड़के हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। इस हादसे में शहर के दो जाने-माने परिवारों के युवा बेटों की मौत हो गई, जिससे पूरे शहर में शोक की लहर है। इस घटना ने न केवल दोनों परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया, बल्कि शहरवासियों को भी स्तब्ध कर दिया। रविवार को सारा दिन लोग इस हादसे को लेकर चर्चा करते रहे और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताते दिखाई दिए।
जानकारी के मुताबिक, पांच दोस्त एक कार में सवार थे। उनकी कार बी.एम.सी. फ्लाईओवर से जैसे ही नीचे उतरी, उन्होंने ए.पी.जे. कालेज चौक से यू टर्न ले लिया, जैसे ही उनकी कार फिर बस स्टैंड फ्लाईओवर की ओर जाने लगी, रास्ते में नगर निगम के ठेकेदार की एक ट्रैक्टर-ट्राली सड़क की सफाई का काम कर रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ट्राली से टकरा गई। बताया जा रहा है कि कार चालक युवक को ट्राली दिखाई नहीं दी या उसे समय रहते इसका पता नहीं चल पाया। इस टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई।
इस हादसे में कार की तेज रफ्तार के साथ-साथ नगर निगम के ठेकेदार की ट्रैक्टर-ट्राली की लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि ट्राली के पीछे न तो कोई रिफ्लैक्टर लगा हुआ था और न ही कोई ऐसा सुरक्षा चिन्ह था, जिससे दूर से ही अंधेरे में ट्राली का पता चल सके। ऐसे में सड़क पर चल रहे दूसरे वाहन चालकों के लिए खतरा बना रहता है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से नगर निगम के सैनिटेशन विभाग ने शहर में 150 से ज्यादा ट्रालियां चला रखी हैं। ये ट्रालियां दिन के समय तो शहर की सड़कों पर चलती ही हैं, रात के समय भी सफाई का काम करती हैं। अक्सर ट्राली चालक सड़क के किनारे या डिवाइडर के पास ट्राली खड़ी करके सफाई करने लगते हैं। कई बार तो बिना किसी चेतावनी या सुरक्षा इंतजाम के ट्राली को अंधेरे में ही खड़ा कर दिया जाता है। इससे पीछे से आने वाले वाहन चालकों को ट्राली दिखाई नहीं देती और हादसा होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
पहले भी इन ट्रैक्टर-ट्रालियों के कारण सड़क हादसे हो चुके हैं, लेकिन रविवार सुबह हुए हादसे ने इस समस्या को गंभीर बना दिया है। लोगों का कहना है कि नगर निगम सफाई का काम जरूर करवाए, लेकिन इसके लिए लोगों की जान जोखिम में नहीं डाली जानी चाहिए।
शहरवासियों ने मांग की है कि नगर निगम के ठेकेदारों की सभी ट्रैक्टर-ट्रालियों के पीछे चमकदार रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। रात के समय सफाई के दौरान लाल बत्ती, चेतावनी लाइट और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। ट्रालियों को सड़क पर खड़ा करते समय भी पर्याप्त संकेत लगाए जाएं, ताकि दूर से आने वाले वाहन चालकों को पहले ही सावधान किया जा सके।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here