‘रंधावा फोबिया’ का शिकार हुआ मजीठिया: सहकारिता मंत्री

Edited By Vatika,Updated: 02 Jul, 2020 09:28 AM

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सहकारिता मंत्री सुखजिंद्र सिंह रंधावा ने पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि अकाली नेता को ‘रंधावा

चंडीगढ़ (शर्मा): सहकारिता मंत्री सुखजिंद्र सिंह रंधावा ने पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि अकाली नेता को ‘रंधावा फोबिया’ हो गया है और दिन-रात उनके सपने आते हैं। यहां तक कि कोरोना महामारी के आपात दौरान कर्मचारियों के हित में किए कल्याण के फैसले में भी निजी रंजिश निकालने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाकर राजनीति कर रहे हैं।तथ्यों समेत आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि एक ही कंपनी की तरफ से टैंडर देने का सवाल ही पैदा नहीं होता, क्योंकि 4 कंपनियों ने बोली में हिस्सा लिया था। बीमा कवर देने में सिर्फ एक ही कंपनी योग्य पाई गई। तकनीकी बोली के लिए 4 कंपनियां योग्य पाई गई थीं, जिन्होंने 5 कोटेशन दी थी। एक कंपनी एल.आई.सी. ने 2 कोटेशन दी थी। वित्तीय बोली खोली तो केवल एक ही कंपनी गो डिजीट योग्य पाई गई।रंधावा ने कहा कि बीमा कवर देने के लिए सरकारी बीमा कंपनियों को अनदेखा करने के आरोप भी बेबुनियाद है, क्योंकि एल.आई.सी. उन 4 कंपनियों में से एक थी, जो तकनीकी बोली के लिए योग्य पाई गई थीं।

अखबारों में दिए टैंडर पर भी जताया था ऐतराज
मंत्री ने कहा कि 3 प्रमुख अखबारों में टैंडर दिया था परंतु अकाली नेता को इस पर भी ऐतराज है कि लॉकडाऊन दौरान कोई भी अखबार नहीं पढ़ता है। अखबार पढ़कर ही 10 कंपनियों ने विभाग तक पहुंच की थी। लॉकडाऊन दौरान अखबार निरंतर प्रकाशित होती रही और जरूरी सेवाओं अधीन बिक्री भी होती रही। इसके अलावा ई-पेपर ऑनलाइन भी पढ़े जाते रहे हैं। 

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