Edited By Vatika,Updated: 04 Jun, 2026 04:00 PM

गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने डेरा बाबा नानक में भाजपा नेता पर हुई फायरिंग और कलानौर के एक
गुरदासपुर(हरजिंदर सिंह गोराया): गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने डेरा बाबा नानक में भाजपा नेता पर हुई फायरिंग और कलानौर के एक निजी अस्पताल में हुए ग्रेनेड हमले को लेकर पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है और ऐसे संवेदनशील मामलों की जांच NIA तथा CBI जैसी एजेंसियों से करवाई जानी चाहिए। रंधावा ने कहा कि डेरा बाबा नानक अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब स्थित है, इसके बावजूद अब तक किसी केंद्रीय जांच एजेंसी ने घटनास्थल का दौरा नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की इंटेलिजेंस पूरी तरह विफल साबित हुई है।
व्यापारियों को मिल रही फिरौती की धमकियां
सांसद ने दावा किया कि पंजाब में लगातार व्यापारियों और दुकानदारों को फिरौती के लिए फोन कॉल और धमकी भरे वॉइस मैसेज भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे कई संदेश मौजूद हैं और यदि मुख्यमंत्री का संपर्क उपलब्ध हुआ तो वह सभी सबूत उन्हें भेजेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर साधा निशाना
भगवंत मान पर तंज कसते हुए रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री को गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी टिप्पणी
पंजाब भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की ताजपोशी पर प्रतिक्रिया देते हुए रंधावा ने कहा कि समारोह में मौजूद अधिकांश नेता कांग्रेस पृष्ठभूमि से थे। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि कार्यक्रम भाजपा से ज्यादा कांग्रेस का मंच प्रतीत हो रहा था।
कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी बोले
अमरेंद्र सिंह और केवल सिंह ढिल्लों के बीच कथित नाराजगी पर रंधावा ने कहा कि कैप्टन एक वरिष्ठ और बेबाक नेता हैं तथा उनके बयानों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कांग्रेस में वापसी की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर अंतिम निर्णय कैप्टन और पार्टी नेतृत्व ही ले सकता है।
पेपर लीक मामले में मांगा इस्तीफा
पेपर लीक प्रकरण पर बोलते हुए रंधावा ने कहा कि मामले में जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसकी जिम्मेदारी बनती है, उसे नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। सांसद ने कहा कि युवाओं में बढ़ती निराशा और व्यवस्था के प्रति असंतोष के कारण नए राजनीतिक विकल्पों और आंदोलनों को भी समर्थन मिल रहा है।