Edited By Vatika,Updated: 05 Aug, 2026 10:57 AM

शहर के प्रतिष्ठित सतलुज क्लब में मेंबरशिप प्रक्रिया को लेकर नया बखेड़ा खड़ा हो गया है।
लुधियाना, (राज) : शहर के प्रतिष्ठित सतलुज क्लब में मेंबरशिप प्रक्रिया को लेकर नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। चर्चा है कि क्लब प्रबंधन द्वारा अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए तय कट ऑफ डेट निकलने के बाद भी आर.टी.जी.एस. के जरिए पेमेंट लेकर टेपरेरी मेंबरशिप दे दी गई है।
मात्र 2 लाख रुपये की फीस देकर मेंबर बनाने का था सुनहरी मौका
इस मामले को लेकर क्लब मेंबर्स में भारी रोष है और जिसके चलते कुछ मेंबर्स ने प्रबंधन से इसका पूरा रिकॉर्ड मांगना शुरू कर दिया है। हालांकि, क्लब प्रबंधन ने ऐसे सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। जानकारी के अनुसार, सतलुज क्लब प्रबंधन की ओर से क्लब मेंबर्स के डिपेंडेंट (बच्चों/परिवारजनों) को मात्र 2 लाख रुपये की फीस देकर परमानेंट मेंबर बनाने का एक सुनहरी मौका दिया गया था। इसके लिए नए मेंबरशिप आवेदनों और फीस जमा करवाने की अंतिम तारीख कट ऑफ डेट की 31 मई 2026 तय की गई थी।
क्लब प्रबंधन ने इन सभी आरोपों को गलत बताया
सूत्रों के मुताबिक, कट ऑफ डेट समाप्त हो जाने के बावजूद कथित तौर पर बैकडेट या नियमों को दरकिनार कर कुछ खास और पसंदीदा आवेदकों से आर.टी.जी.एस. के जरिए भुगतान स्वीकार किया गया और उन्हें टेपरेरी मेंबरशिप नंबर जारी कर दिए गए। जैसे ही यह बात क्लब मेंबर्स के बीच पहुंची, क्लब के गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और मेंबर्स ने इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए प्रबंधन से रिकॉर्ड की मांग कर डाली। सूत्रों के मुताबिक दूसरी ओर क्लब प्रबंधन ने इन सभी आरोपों को निराधार और गलत बताया है। प्रबंधन का कहना है कि किसी भी तरह की अनिमितता नहीं बरती गई है। प्रबंधन के अनुसार, डिप्टी कमिश्नर सह क्लब प्रेसिडेंट की अध्यक्षता में होने वाली आधिकारिक स्क्रीनिंग के बाद ही नियमानुसार परमानेंट मेंबरशिप अलॉट की जाएगी। फिलहाल इन आरोपों को लेकर क्लब की अंदरूनी राजनीति और मेंबरशिप प्रक्रिया पर विवाद गहराता जा रहा है।