Edited By Vatika,Updated: 18 Jul, 2026 09:03 AM

अगले दिन शिकायत करने पहुंचे माता-पिता को दी गाली; कहे जातिसूचक शब्द, शिक्षिका पर केस दर्ज
लुधियाना (राज): महानगर के ब्रह्मपुरी इलाके में स्थित एक सरकारी प्राइमरी स्कूल (Government Primary School, Brahmpuri) से गुरु-शिष्य के रिश्ते को कलंकित करने वाला एक बेहद शर्मनाक और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बेरहम क्लास इंचार्ज मैडम ने चौथी कक्षा में पढ़ने वाले एक मासूम बच्चे को डंडों से इस कदर बेरहमी से पीटा कि बच्चा गहरे सदमे में चला गया और उसकी तबीयत बुरी तरह बिगड़ गई। हद तो तब हो गई जब सहमे हुए बच्चे के माता-पिता अगले दिन स्कूल में बात करने पहुंचे, तो आरोपी शिक्षिका ने अपनी राजनीतिक हनक दिखाते हुए उन्हें सरेआम जलील किया, जातिसूचक अपशब्द कहे और उल्टे झूठे केस में फंसाने की खौफनाक धमकी दे डाली। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस को सूचना दी। थाना डिविजन नंबर 4 की पुलिस ने आरोपी शिक्षिका रिंकू रानी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मानसिक सदमे के कारण उसकी तबीयत बेहद खराब
पुलिस को दिए बयानों में पीड़ित बच्चे की मां प्रीति ने बताया कि उनका बेटा लव चांडला ब्रह्मपुरी स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र है। बीती 22 अप्रैल को स्कूल समय के दौरान क्लास इंचार्ज रिंकू रानी ने मामूली बात पर अपना आपा खो दिया। मैडम ने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए मासूम लव चांडला पर डंडों से बुरी तरह पीटा। मैडम के इस तालिबानी रूप को देखकर 9 साल का मासूम बच्चा इस कदर डर गया कि घर आकर उसकी सुध-बुध खो गई और मानसिक सदमे के कारण उसकी तबीयत बेहद खराब हो गई। अपने लाडले की यह हालत देख पीड़ित मां और उसके पति गगन अगले दिन यानी 23 अप्रैल को स्कूल परिसर पहुंचे ताकि वे क्लास इंचार्ज से मारपीट की वजह जान सकें। लेकिन स्कूल पहुँचते ही आरोपी मैडम रिंकू रानी ने बातचीत करने के बजाय चिल्लाना शुरू कर दिया।
पीड़ित माँ ने बताया, "जैसे ही हम मैडम के पास पहुँचे, उन्होंने ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए कहा— 'यहाँ से दफा हो जाओ!' उन्होंने हमें पूरे स्टाफ और स्कूल के सामने बेहद जलील किया।
शिकायत मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई
इतना ही नहीं, मैडम ने हमारी जाति को लेकर बेहद घटिया, अपमानजनक और जातिसूचक शब्द का प्रयोग किया।" शिकायत के अनुसार, जब पीड़ित माता-पिता ने मैडम को शांत रहने और तमीज से बात करने का आग्रह किया, तो मैडम ने पीड़ित परिवार को सीधे शब्दों में खुली धमकी दी— "अगर ज्यादा शोर मचाया या पुलिस के पास गए, तो मैं तुम लोगों को उल्टे किसी गंभीर और झूठे केस में फंसा दूंगी और जेल भिजवा दूंगी।" इसके बाद पीड़ित परिवार डर के साए में वहां से लौट आया।
इस गंभीर और संवेदनशील मामले की लिखित शिकायत मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। पुलिस के उच्चाधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं। जिसके बाद आरोपी शिक्षिका रिंकू रानी के खिलाफ मासूम बच्चे से मारपीट (Juvenile Justice Act), रास्ता रोकने, जान से मारने की धमकी देने (Sections of BNS) और सबसे गंभीर— अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम (SC-ST Act) के तहत गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि किसी भी बच्चे के साथ स्कूल में इस तरह की हैवानियत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून हाथ में लेने वाली शिक्षिका को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।