स्टेशन पर गोद में बच्चा लेकर भाग रहे पिता की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल, मचा हड़कंप, पुलिस जांच में खुला राज

Edited By Urmila,Updated: 05 Jul, 2026 10:40 AM

a father was seen running at the station with a child in his arms

जिले जगराओं रेलवे स्टेशन पर शनिवार की सुबह उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई और पूरे स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया।

लुधियाना (राज): जिले जगराओं रेलवे स्टेशन पर शनिवार की सुबह उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई और पूरे स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया, जब एक मासूम बच्चे का चॉकलेट के लिए रोना उसके पिता के लिए बहुत बड़ी आफत बन गया। बच्चे को रोता-चिल्लाता देख स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बिना सोचे-समझे व्यक्ति को बच्चा चोर समझ लिया और अपहरण का शोर मचा दिया। देखते ही देखते कुछ लोगों ने बेबस पिता की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ वायरल कर दीं। अफवाह आग की तरह फैलने के बाद रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पिता-पुत्र दोनों को हिरासत में ले लिया लेकिन दो घंटे की गहन जांच के बाद जो सच सामने आया, उसने सबको हैरान करके रख दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, यह हाई-पैनिक ड्रामा उस समय शुरू हुआ जब एक व्यक्ति अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर लुधियाना से फिरोजपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म की तरफ तेजी से दौड़ रहा था। ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी थी और छूटने ही वाली थी। इसी जल्दबाजी के बीच बच्चा रास्ते में चॉकलेट खाने की जिद पर अड़ गया। जब पिता ने ट्रेन छूटने के डर से चॉकलेट नहीं दिलाई, तो बच्चा जोर-जोर से रोने और पैर पटकने लगा। एक तरफ पिता की तेज भागने की छटपटाहट और दूसरी तरफ बच्चे की चीखें सुनकर आसपास के यात्रियों को शक हो गया कि यह व्यक्ति कोई अनजान किडनैपर है जो बच्चे को जबरन उठा कर भाग रहा है। यात्रियों ने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद मौके पर मुस्तैद जी.आर.पी. के जवानों ने दौड़कर उस व्यक्ति को दबोच लिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई फेक न्यूज, पुलिस में मची अफरा-तफरी

हंगामे के दौरान कुछ स्टेशन पर मौजूद कुछ लोगों ने जिम्मेदारी दिखाने की बजाय बिना सच जाने उस बेबस पिता की तस्वीरें खींच लीं और एक भ्रामक ऑडियो रिकॉर्ड कर उसे व्हाट्सएप और सोशल मीडिया ग्रुप्स में ‘जगराओं स्टेशन से बच्चा चोर पकड़ा गया’ लिखकर वायरल कर दिया। इस फेक न्यूज के डिजिटल दुनिया में फैलते ही यात्रियों, स्थानीय लोगों और रेलवे पुलिस महकमे के उचाधिकारियों में भी कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया।

रेलवे चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह ने 2 घंटे खंगाले दस्तावेज, तब जाकर टली आफत

रेलवे चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि पुलिस टीम दोनों को चौकी लेकर आई और करीब 2 घंटे तक बच्चे और उस व्यक्ति से जुड़े हर दस्तावेज, आई.डी. प्रूफ और पारिवारिक पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। पूछताछ और पहचान पत्रों के मिलान के बाद यह 100 फीसदी साफ हो गया कि वह व्यक्ति कोई किडनैपर नहीं, बल्कि उस बच्चे का सगा पिता ही है। तथ्यों की पुष्टि होने और जनता की गलतफहमी दूर होने के बाद रेलवे पुलिस ने राहत की सांस ली और पिता-पुत्र को सम्मानपूर्वक अगली ट्रेन से फिरोजपुर के लिए रवाना किया।

बिना पुष्टि किए तस्वीरें और अफवाहें फैलाना कानूनी अपराध : प्रकाश सिंह

रेलवे चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह ने जनता से विशेष अपील करते हुए कहा कि आज के समय में जनता का सतर्क और सजग रहना बेहद जरूरी है लेकिन किसी भी घटना की पूरी सच्चाई जाने बिना उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करना और अफवाह फैलाना बिल्कुल गलत और गैर-कानूनी है। उन्होंने साफ किया कि किडनैपिंग की यह खबर पूरी तरह झूठी और निराधार थी। भविष्य में ऐसी किसी भी संदिग्ध स्थिति में खुद कानून हाथ में लेने या अफवाह उड़ाने की बजाय पहले तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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