लुधियाना कोर्ट में नई पहल, अब आरोपी के सामने आए बिना होगी गवाही

Edited By Kalash,Updated: 25 Jul, 2026 02:34 PM

ludhiana court vulnerable witness deposition centre

न्याय व्यवस्था को अधिक मानवीय, सुरक्षित और पीड़ित-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश जस्टिस अमरिंदर सिंह ग्रेवाल ने शुक्रवार को लुधियाना न्यायिक परिसर में अत्याधुनिक ‘संवेदनशील गवाह...

लुधियाना (मेहरा): न्याय व्यवस्था को अधिक मानवीय, सुरक्षित और पीड़ित-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश जस्टिस अमरिंदर सिंह ग्रेवाल ने शुक्रवार को लुधियाना न्यायिक परिसर में अत्याधुनिक ‘संवेदनशील गवाह बयान केंद्र’ (Vulnerable Witness Deposition Centre) का उद्घाटन किया। यह केंद्र विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों तथा अन्य संवेदनशील गवाहों को भयमुक्त वातावरण में गवाही देने की सुविधा उपलब्ध कराएगा।

इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरप्रीत कौर रंधावा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डेज़ी बांगर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हिमांशु अरोड़ा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पवलीन सिंह, न्यायिक अधिकारीगण, पुलिस आयुक्त स्वप्पन शर्मा तथा जिला बार एसोसिएशन, लुधियाना के अध्यक्ष विपिन सग्गड़ एवं सचिव हिमांशु वालिया ने जस्टिस ग्रेवाल का गर्मजोशी से स्वागत किया।

उद्घाटन के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरप्रीत कौर रंधावा और सीजेएम-सह-सचिव हिमांशु अरोड़ा ने बताया कि इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गवाह को आरोपी के आमने-सामने आए बिना ही उसकी गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुरक्षित रूप से दर्ज की जाएगी। इससे गवाह पर मानसिक दबाव कम होगा और वह निर्भय होकर अदालत के समक्ष अपना पक्ष रख सकेगा।

उन्होंने बताया कि केंद्र में गवाहों के लिए अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग, अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली, कंप्यूटर एवं इंटरनेट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं, बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार बाल-अनुकूल कक्ष बनाया गया है, जहां पढ़ाई और खेल-कूद की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि वे सहज और तनावमुक्त वातावरण में अपनी गवाही दे सकें।

इस अवसर पर जस्टिस अमरिंदर सिंह ग्रेवाल ने न्यायिक अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि पीड़ित और गवाह को यह महसूस भी होना चाहिए कि न्याय व्यवस्था उनकी सुरक्षा और गरिमा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्र न्याय प्रणाली में लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत करेंगे। समारोह के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जस्टिस अमरिंदर सिंह ग्रेवाल तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरप्रीत कौर रंधावा ने न्यायिक परिसर में पौधारोपण भी किया।

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