लुधियाना सिविल अस्पताल में हाई-वोल्टेज ड्रामा, एमरजैंसी के बाहर जमकर चले लात-घूंसे

Edited By Vatika,Updated: 08 Jun, 2026 09:36 AM

ludhiana civil hospital

हानगर का सिविल अस्पताल इन दिनों मरीजों के इलाज के लिए कम और आपसी रंजिश निकालने के लिए जंग का ...

लुधियानान (राज): महानगर का सिविल अस्पताल इन दिनों मरीजों के इलाज के लिए कम और आपसी रंजिश निकालने के लिए जंग का अखाड़ा ज्यादा बनता जा रहा है। ताजा मामला रविवार शाम को सामने आया, जहां मोती नगर इलाके में रेहड़ी लगाने को लेकर हुए खूनी टकराव के बाद मैडीकल करवाने पहुंचे दो गुट सिविल अस्पताल की एमरजैंसी के ठीक बाहर आपस में बुरी तरह भिड़ गए। देखते ही देखते दोनों तरफ से लात-घूंसे और गालियां चलने लगीं। 

रास्ते में घेरकर किया जानलेवा हमला
हद तो तब हो गई जब पुरुषों के साथ-साथ दोनों पक्षों की महिलाओं ने भी मर्यादा भूलकर एक-दूसरे के बाल पकड़े और जमकर हाथापाई व मारपीट की। अस्पताल परिसर में मचे इस तांडव से वहां इलाज करवाने आए मरीजों और तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई। झड़प की सूचना मिलते ही सिविल अस्पताल पुलिस चौकी के मुलाजिम तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को बमुश्किल एक-दूसरे से अलग कर शांत करवाया। पुलिस ने दोनों पक्षों का मैडीकल करवाने के बाद उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित थाने भेज दिया है। इस खूनी झड़प को लेकर पहले पक्ष के कृष्ण ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वह सड़क किनारे फड़ी (अड्डा) लगाकर कपड़े बेचने का काम करता है, जबकि दूसरा पक्ष भी वहीं पर अपना काम करता है। जगह और रेहड़ी लगाने को लेकर उनके बीच पहले भी दो-तीन बार तीखी तकरार और लड़ाई-झगड़ा हो चुका है। कृष्ण का कहना है कि शनिवार को जब वह एक ऑटो में सवार होकर जा रहा था, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे रास्ते में घेरकर उस पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा।
  
लाठी-डंडे और ईंटें लेकर वहां धमक पड़े
इस संबंध में उसने थाना मोती नगर में शिकायत भी दर्ज करवाई थी। कृष्ण ने आरोप लगाया कि रविवार को जब उसका बेटा योगेश दुकान लगाने के लिए गया, तो दूसरे पक्ष ने उस पर फिर से हमला बोल दिया, जिसमें उसका बेटा और भतीजे समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हद तो तब हो गई जब वे सभी इलाज और मैडीकल करवाने सिविल अस्पताल आए, तो वहां पहले से मौजूद दूसरे पक्ष के लोगों ने एमरजैंसी के बाहर ही उन पर दोबारा हमला कर दिया और सरेआम गाली-गलौच करने लगे। अगर समय रहते पुलिस न आती तो वहां बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। वहीं दूसरी ओर, दूसरे पक्ष के वीरू ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कृष्ण पक्ष पर ही गुंडागर्दी करने का आरोप मढ़ दिया। वीरू का कहना है कि रविवार को वह शांति से अपना काम कर रहा था, तभी अचानक दूसरे पक्ष के लोग लाठी-डंडे और ईंटें लेकर वहां धमक पड़े। हमलावरों में महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने आते ही उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में वह और उसका भाई गंभीर रूप से जख्मी हो गए। वीरू ने भी उल्टा आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे अपना मैडीकल करवाने सिविल अस्पताल पहुंचे, तो वहां कृष्ण के पक्ष ने उन पर हमला बोल दिया था। इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे को लेकर सिविल अस्पताल चौकी के पुलिस मुलाजिमों ने साफ किया है कि दोनों गुटों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मैडीकल रिपोर्ट के आधार पर अगली सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए दोनों पक्षों को मोती नगर थाने के हवाले कर दिया गया है।

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