Edited By Subhash Kapoor,Updated: 09 Aug, 2026 09:11 PM

पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की तथाकथित ‘शिक्षा क्रांति’ पर तीखा हमला करते हुए भाजपा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि जिस सरकार ने शिक्षा को हर बच्चे तक पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे किए थे, वही सरकार अब MBBS की फीस में भारी...
चंडीगढ़ : पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की तथाकथित ‘शिक्षा क्रांति’ पर तीखा हमला करते हुए भाजपा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि जिस सरकार ने शिक्षा को हर बच्चे तक पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे किए थे, वही सरकार अब MBBS की फीस में भारी बढ़ोतरी करके गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा के दरवाजे बंद करने की ओर बढ़ रही है।
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। एक तरफ ‘शिक्षा क्रांति’ के विज्ञापन चलाए जा रहे हैं और दूसरी तरफ उच्च शिक्षा, खासकर मेडिकल शिक्षा, लगातार महंगी की जा रही है। जब एक आम परिवार अपने बच्चे को डॉक्टर बनाने का सपना लेकर आगे बढ़ता है तो उसके सामने सबसे बड़ी बाधा फीस बन जाती है। ऐसे समय में फीस में और बढ़ोतरी करना सरकार की जनविरोधी सोच को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि रिपोर्टों के अनुसार पंजाब के मेडिकल कॉलेजों में MBBS की फीस में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। सरकारी कॉलेजों की फीस में भी वृद्धि हुई है, जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों में पूरे कोर्स की फीस 21.48 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 25.22 लाख रुपये हो गई है। इसके अलावा मेडिकल शिक्षा से जुड़ी अन्य फीस में भी वृद्धि की गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह केवल फीस बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि पंजाब के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। यदि सरकार शिक्षा को आम लोगों की पहुंच में रखने के बजाय लगातार महंगा करेगी तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के योग्य बच्चे मेडिकल शिक्षा से वंचित रह जाएंगे और उनके सपने केवल पैसे की कमी के कारण टूट जाएंगे।
उन्होंने ‘आप’ सरकार के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार निजी स्कूलों के विस्तार को लेकर कानून और नीतियां बनाने की बात करती है और दूसरी तरफ खुद मेडिकल शिक्षा की फीस में बढ़ोतरी कर रही है। यदि सरकार वास्तव में शिक्षा को आम लोगों का अधिकार मानती है तो फिर डॉक्टर जैसी महत्वपूर्ण पेशेवर शिक्षा को महंगा करने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, “विज्ञापनों में शिक्षा क्रांति दिखाने से शिक्षा क्रांति नहीं आती। शिक्षा क्रांति तब आती है जब पंजाब के गरीब किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार का बच्चा भी बिना आर्थिक बोझ के उच्च स्तर की शिक्षा हासिल कर सके। लेकिन ‘आप’ सरकार की नीतियां इसके विपरीत दिशा में जा रही हैं।”
उन्होंने कहा कि सरकार को MBBS फीस में की गई बढ़ोतरी तुरंत वापस लेनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पैसे की कमी किसी भी होनहार पंजाबी विद्यार्थी के डॉक्टर बनने के रास्ते में बाधा न बने। “‘आप’ की तथाकथित शिक्षा क्रांति अब विज्ञापनों से निकलकर फीस के आंकड़ों में नजर आ रही है—और ये आंकड़े सरकार की असलियत पंजाब के लोगों के सामने रख रहे हैं।”