Edited By Sunita sarangal,Updated: 04 Aug, 2026 06:54 PM

ढिल्लों ने कहा कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना के मुल्लांपुर दाखा में नशों के खिलाफ एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर सरकार की उपलब्धियों के दावे किए
चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार की 'युद्ध नशों के विरुद्ध' मुहिम केवल प्रचार तक सीमित रह गई है, जबकि हकीकत यह है कि पंजाब का युवा और खिलाड़ी वर्ग आज भी नशे की भेंट चढ़ रहा है।
ढिल्लों ने कहा कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना के मुल्लांपुर दाखा में नशों के खिलाफ एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर सरकार की उपलब्धियों के दावे किए, लेकिन उसी दिन इसी जिले के जगराओं के पास एक ही गांव के दो युवकों की नशे के कारण मौत हो गई। यह घटना सरकार के दावों की वास्तविकता को उजागर करती है और बताती है कि जमीनी हालात सरकारी विज्ञापनों से बिल्कुल अलग हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की जनता से सरकार बनने से पहले तीन महीने में नशा खत्म करने की गारंटी दी थी, लेकिन आज साढ़े चार साल बाद भी पंजाब नशे की समस्या से जूझ रहा है। हर रोज सामने आ रही मौतें और नशा तस्करी के मामले सरकार की विफलता की गवाही दे रहे हैं।
ढिल्लों ने कहा कि पातड़ां के पास एक खिलाड़ी की नशे से हुई मौत बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह और भी गंभीर स्थिति है कि अब कबड्डी खिलाड़ी भी नशे की भेंट चढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानसा में एक राष्ट्रीय महिला खिलाड़ी द्वारा नशे की लत के कारण अपने बच्चे को बेचने का मामला भी अत्यंत गंभीर है। ये घटनाएं साबित करती हैं कि पंजाब सरकार की खेल नीति और नशा-रोधी नीति दोनों पूरी तरह विफल हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय आंकड़ों की बाजीगरी और विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। जब जमीनी स्तर पर युवाओं की जानें जा रही हों, तब सरकार को अपनी पीठ थपथपाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह जाता।
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