Edited By Urmila,Updated: 11 Feb, 2026 10:39 AM

जिला देहात पुलिस के थाना पतारा के अधीन पड़ते गांव हजारा में एक व्यक्ति द्वारा जहरीला बिस्कुट खिलाकर अपने 6 साल के बच्चे की हत्या कर दिए जाने का मामला सामने आया था।
जालंधर (महेश): जिला देहात पुलिस के थाना पतारा के अधीन पड़ते गांव हजारा में एक व्यक्ति द्वारा जहरीला बिस्कुट खिलाकर अपने 6 साल के बच्चे की हत्या कर दिए जाने का मामला सामने आया था। मृतक बच्चे की पहचान रूपेश के तौर पर हुई है।
एस.एच.ओ. पतारा ने बताया कि पुलिस ने मृतक बच्चे रूपेश की मां ममता देवी के बयानों पर मृतक बच्चे के आरोपी पिता गजेन्द्र मुखिया जो कि मूल रूप से गांव मत्करचक्क थाना बिहारीगंज जिला मद्देपुरा बिहार का रहने वाला है, के खिलाफ धारा 103(1) बी.एन.एस. के तहत 11 नंबर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।
ममता देवी द्वारा पुलिस को दिए गए बयानों में कहा गया है कि वह शाम करीब 7 बजे रात का खाना बना रही थी कि उसका लड़का रूपेश उसके पास आया, जिसने हाथ में 2 बिस्कुट पकड़े हुए थे और 1 बिस्कुट वह खा रहा था। उसने कहा कि उसे पापा ने दवाई पिला दी है। उसी दौरान उसने उल्टी कर दी, जिसके बाद उसने देखा कि रूपेश के हाथों में पकड़े हुए बिस्कुटों पर कुछ ल्यूक्ड लगा हुआ था। उसने रूपेश के हाथों से बिस्कुट लेकर उन्हें फैंक दिया और वह तुरंत लडक़े को उठाकर अपने पिता भुल्लर मुखिया जो कि उनके साथ ही रहते हैं, को साथ लेकर सिविल अस्पताल जालंधर पहुंची, लेकिन डाक्टरों ने बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए उसे गुरु नानक देव अस्पताल अमृतसर रैफर कर दिया, वहां पर पहुंचे तो डाक्टरों ने रूपेश को मृतक करार दे दिया।
मृतक बच्चे की मां ने कहा कि उसके पति गजेन्द्र मुखिया ने ही अपने बेटे की हत्या की है। आरोपी गजेन्द्र को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा ताकि रूपेश की हत्या को लेकर उससे और पूछताछ की जा सके। पुलिस ने मृतक बच्चे रूपेश का सिविल अस्पताल से पोस्टमार्टम करवा कर उसका शव परिजनों को सौंप दिया है।
जीजा को फंसाना चाहता था आरोपी गजेन्द्र मुखिया
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी गजेन्द्र अपने बच्चे के कत्ल के मामले में अपने जीजा को फंसाना चाहता था। इसलिए ही उसने बिस्कुटों पर कोई जहरीली दवाई लगाई थी। थाना प्रमुख पतारा ने कहा कि गजेन्द्र ने कुछ समय पहले अपने जीजा के घर से गहने चोरी किए थे और यह मामला उसने पुलिस के पास पहुंचा दिया था। इस मामले में गजेन्द्र के माफी मांगने पर उसे छोड़ भी दिया गया था लेकिन इसके बावजूद भी गजेन्द्र जीजा के साथ रंजिश रखता था। उसने सोचा हुआ था कि वह समय आने पर अपने जीजा को सबक जरूर सिखाएगा। इसलिए ही उसने बाजार से कोई जहरीली दवाई लेकर बिस्कुटों पर लगा दी थी। गजेन्द्र ने कहा कि वह अपने बच्चे को जान से नहीं मारना चाहता था। सिर्फ उसे थोड़ी सी जहरीली दवाई देकर यह आरोपी अपने जीजा पर लगाना चाहता था ताकि वह उसे फंसाकर अपना पुराना बदला ले सके।
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