सालों से फेल विधायक परगट सिंह पहले अपनी नाकामी का हिसाब दें, फिर बयानबाज़ी करें : अमित तनेजा

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 02 Feb, 2026 09:08 PM

pargat singh should first account for his failures before making any statements

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमित तनेजा ने जालंधर कैंट के कांग्रेस विधायक परगट सिंह के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि 15 साल से फेल चल रहे विधायक को दूसरों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

जालंधर | भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमित तनेजा ने जालंधर कैंट के कांग्रेस विधायक परगट सिंह के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि 15 साल से फेल चल रहे विधायक को दूसरों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

अमित तनेजा ने कहा कि परगट सिंह अब राजनीति में एक शेखचिल्ली की तरह बयान दे रहे हैं, जिनकी बातें सिर्फ हवा में हैं और जिनका ज़मीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं। अपने लंबे राजनीतिक करियर में वे अपने हल्के की जनता को विकास का हिसाब तक नहीं दे पाए और अब अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं पर अनर्गल बयानबाज़ी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “खाकी निक्कर और भाजपा को गांव में घुसने नहीं देंगे” जैसी भाषा कांग्रेस की हताशा और डर को दिखाती है। यह वही कांग्रेस है, जो जब भी जनता के बीच जाने से डरती है, तो लोकतंत्र को धमकी देने लगती है।
अमित तनेजा ने कहा कि 15 वर्षों में परगट सिंह अपने हल्के के लिए क्या लेकर आए—यह सवाल आज भी अनुत्तरित है। न बुनियादी ढांचा, न रोजगार, न युवाओं के लिए कोई ठोस नीति। आज जब उनसे जवाब मांगा जा रहा है, तो वे ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयानों का सहारा ले रहे हैं।

केंद्र सरकार के बजट को “फेल” बताने पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित तनेजा ने कहा कि जिस कांग्रेस ने पंजाब को दशकों तक सिर्फ वादे दिए और बदले में सौतेला व्यवहार किया, उसे बजट पर बोलने का कोई नैतिक हक नहीं है। यह बजट पंजाब के किसानों, युवाओं और व्यापारियों के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन कांग्रेस को सच्चाई कभी पसंद नहीं आई। अमित तनेजा ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर परगट सिंह में जरा-सी भी राजनीतिक ईमानदारी बची है, तो वे सार्वजनिक मंच पर बहस का चैलेंज स्वीकार करें और अपनी 15 साल की नाकामी का हिसाब जनता को दें। जनता अब बयान नहीं, काम का हिसाब मांग रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर केंद्र सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएंगे और किसी असफल विधायक की धमकियों से न डरेंगे, न ही मुंह लगाएंगे। आने वाला समय उन नेताओं का नहीं, जो सिर्फ बोलते हैं—बल्कि उनका है, जो ज़मीन पर काम करते हैं।
 

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