Jalandhar में किसानों ने हाईवे जाम करने का किया ऐलान, घर से बाहर निकलने से पहले पढ़ लें खबर

Edited By Kamini,Updated: 02 Feb, 2026 11:36 AM

farmers announced to block the highway

जालंधर में किसान आंदोलन तेज होता हुआ दिखाई दे रहा है। किसानों ने आज हाईवे जाम करने का बड़ा ऐलान किया है।

जालंधर: जालंधर में किसान आंदोलन तेज होता हुआ दिखाई दे रहा है। किसानों ने आज अमृतसर-दिल्ली हाईवे जाम करने का बड़ा ऐलान किया है। दरअसल, जमशेर खास में प्रस्तावित बायो-गैस/बायो-फ्यूल प्लांट को लेकर किसानों और स्थानीय लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आबादी के नजदीक ऐसा प्लांट लगाया जाना स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरा साबित हो सकता है।  किसान यूनियन सिद्धूपुर से जुड़े नेताओं ने प्लांट के निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्लांट के लिए 2 प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं, जिनमें से एक गेट मंडी की ओर है। किसानों का दावा है कि यदि यह गेट बना रहा, तो मंडी का कामकाज बुरी तरह प्रभावित होगा।

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किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि प्लांट से निकलने वाले प्रदूषण को लेकर प्रशासन और कंपनी कोई ठोस जवाब नहीं दे रही है। इसी के चलते यूनियन ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। किसान यूनियन सिद्धूपुर ने अब 2 जनवरी (सोमवार) को अमृतसर-दिल्ली हाईवे जाम करने की घोषणा की है। किसान दोपहर 12 बजे लवली यूनिवर्सिटी से पहले परागपुर कट पर एकत्र होकर सड़क जाम करेंगे। किसान नेताओं का साफ कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और वे हाईवे से नहीं हटेंगे।

आपको बता दें कि ये प्लांट जमशेर डेयरी कॉम्पलेक्स की चारा मंडी वाली जमीन पर बनाया जा रहा है। स्थानीय लोगों और किसानों का कहना है कि, प्लांट से निकलने वाली गैसों और कचरे से कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती है। वहीं चारा रखने वाली जगह भी खत्म हो जाएगी। जमशेर इलाके में पहले से ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के कारण स्थानीय लोग बदबू और गंदगी की परेशानी झेल रहे हैं। लोगों का कहना है कि आसपास के इलाकों में रहना मुश्किल हो गया है। ऐसे में यदि नया बायो-फ्यूल प्लांट लगाया गया, तो हालात और भी खराब हो सकते हैं। स्थानीय निवासियों और किसानों को आशंका है कि इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ेगा और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। इसी डर के चलते लोग नए प्लांट का विरोध कर रहे हैं।

ये भी बता दें कि, किसान यूनियनों और स्थानीय लोगों ने सरकार को 23 जनवरी 2026 तक का अल्टीमेटम दिया था। उनका साफ कहना है कि यदि तय समय सीमा तक प्लांट के निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे खुद मौके पर पहुंचकर काम बंद करवा देंगे और निर्माण को हटाने के लिए मजबूर होंगे।

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