Edited By Vatika,Updated: 22 Jan, 2026 09:14 AM

शहर में 10 साल की बच्ची के साथ 15 साल के युवक द्वारा मारपीट करके...
जालंधर (वरुण): शहर में 10 साल की बच्ची के साथ 15 साल के युवक द्वारा मारपीट करके उससे दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। बच्ची के परिजनों को जैसे ही इस घटना के बारे पता लगा तो पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर नाबालिग युवक को काबू कर लिया और बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल दाखिल करवाया। पुलिस ने नाबालिग युवक के खिलाफ 6 पोस्को एक्ट और बी.एन.एस. की धारा 65 (2) क तहत केस दर्ज करके उसे बाल सुधार केंद्र भेज दिया है।
पुलिस द्वारा दर्ज की एफ.आई.आर. अनुसार 10 साल की बच्ची फ्लैटों की तीसरी मंजिल की छत पर खेल रही थी। इसी दौरान युवक आया जिसने बच्ची के साथ मारपीट की और बाद में पहली मंजिल पर बने एक फ्लैट में ले गया। फ्लैट में ले जाकर युवक ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसके जान से मारने की धमकियां दी। जैसे ही बच्ची ने चींखे मारी तो आसपास के लोग इक्ट्ठा हो गए और युवक द्वारा की इस भद्दी करतूत सामने आ गई। लोगों ने बच्ची के परिजनों को सूचना दी। खून से लथपथ बच्ची को देख कर लोगों के होश उड़ गए। आनन-फानन में युवक को लोगों ने काबू कर लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए पहले तो बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया और फिर युवक के खिलाफ 6 पोस्को एक्ट और 65 (2) के अधीन एफ.आई.आर. दर्ज कर ली गई। थाना प्रभारी ने बताया कि जिस युवक के खिलाफ केस दर्ज किया है वह भी नाबालिग है, जिसके चलते उसे बाल सुधार केंद्र में भेज दिया गया है।
6 पोस्को एक्ट और धारा 65 (2) में क्या और सजा कैसी
6 पोस्को एक्ट तब लगाया जाता है जब गंभीर प्रवेश यौन हमला किया हो जिसमें कम से कम 10 साल की कैद, जिसे जुर्माने के साथ आजीवन जेल तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि यह सजा तब लागू होती है जब यौन हमला कुछ गंभीर परिस्थितियों में किया हो। वहीं बी.एन.एस. की धारा 65 (2) वह धारा है जिसमें 12 वर्ष से कम उम्र की लड़की के साथ दुष्कर्म के लिए सजा का प्रावधान करती है। इसमें कम से कम 20 साल की कठोर जेल (आजीवन जेल तक), जुर्माना या मृत्युदंड और जुर्माना पीड़िता के इलाज के और पुर्नवास के लिए होता है। यह एक गंभीर अपराध है जो गैर जमानती और गैर समझौता योग्य होता है।