Jalandhar : 7 साल पुराने फायरिंग मामले में कोर्ट का फैसला,  दो आरोपी बरी

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 22 Jan, 2026 11:00 PM

jalandhar court delivers verdict in 7 year old firing case

एडिशनल सेशन जज परमिंदर सिंह राय की अदालत ने गोलियां चलाकर हत्या करने के प्रयास के मामले में राहुल सूद पुत्र अमरीक चंद निवासी काहना ढेसियां गोरायां, जालंधर और दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा पुत्र ओंकार सिंह निवासी ढाहां, थाना नूरपुर बेदी, जिला रूपनगर को दोष...

जालंधर  (जतिंदर भारद्वाज) — एडिशनल सेशन जज परमिंदर सिंह राय की अदालत ने गोलियां चलाकर हत्या करने के प्रयास के मामले में राहुल सूद पुत्र अमरीक चंद निवासी काहना ढेसियां गोरायां, जालंधर और दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा पुत्र ओंकार सिंह निवासी ढाहां, थाना नूरपुर बेदी, जिला रूपनगर को दोष सिद्ध न होने के कारण बरी करने के आदेश सुनाए हैं। अदालत ने यह फैसला वकील नवतेज सिंह मिनहास की दलीलों से सहमत होते हुए सुनाया।

इस मामले में तीसरे आरोपी लखबीर सिंह उर्फ लाख पुत्र अमरीक सिंह निवासी काहना ढेसियां गोरायां, जिला जालंधर की मुकदमे के दौरान ही मौत हो चुकी है। इस संबंध में 16-10-2017 को थाना गोरायां पुलिस ने शिकायतकर्ता जसवंत सिंह पुत्र गुरदियाल सिंह निवासी काहना ढेसियां गोरायां की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ घर के बाहर फोन पर बात कर रहा था, तभी एक तेज रफ्तार कार वहां आकर रुकी, जिसमें से चार-पांच अज्ञात हमलावर उतरे और पिस्तौल से गोलियां चला दीं। जान बचाने के लिए वह घर के अंदर घुस गया। जैसे ही लोग इकट्ठा हुए, हमलावर अपने हथियारों सहित मौके से फरार हो गए।

बाद में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 120, 148, 149 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि इस हमले की वजह राहुल सूद और उसके साथियों द्वारा जसवंत सिंह के ताऊ के बेटे नरिंदर सिंह की हत्या से जुड़ा पुराना विवाद था। आरोपियों ने जसवंत सिंह पर अदालत में गवाही न देने का दबाव बनाया था। जब उसने इनकार कर दिया, तो उसकी हत्या करने के इरादे से उस पर हमला किया गया।

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