Edited By Subhash Kapoor,Updated: 08 Feb, 2026 06:01 PM

पंजाब में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के निलंबन को लेकर सियासत तेज़ हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस कार्रवाई को लेकर पंजाब सरकार पर जोरदार हमला बोला है। जाखड़ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अपनी मनमानी और...
पंजाब डैस्क : पंजाब में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के निलंबन को लेकर सियासत तेज़ हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस कार्रवाई को लेकर पंजाब सरकार पर जोरदार हमला बोला है। जाखड़ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अपनी मनमानी और धक्कशाही रवैये के तहत ईमानदार अधिकारियों को निशाना बनाया है।
जाखड़ ने कहा कि गत दिवस जिन दो आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड किया गया, उनके खिलाफ यह कार्रवाई किसी प्रशासनिक गलती के कारण नहीं, बल्कि इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर सरकार के लेन-देन और मनमाफिक फैसलों में हामी नहीं भरी। उन्होंने इसे प्रशासनिक ईमानदारी पर सीधा हमला करार दिया। जाखड़ ने बताया कि यह पूरा मामला केंद्र सरकार की मिशन सक्षम आंगनवाड़ी योजना से जुड़ा हुआ है। इस योजना के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध करवाए जाने थे, लेकिन पंजाब सरकार इस योजना के तहत अपने कार्यकर्ताओं व वर्करों को स्मार्टफोन दिलवाना चाहती थी, जिसमें इन दो आफिसरों ने हामी नहीं भरी तो इस योजना में देरी हो गई, जिसके चतले इन पर एक्शन ले लिया गया। जाखड़ ने कहा कि पंजाब सरकार चाहती थी कि इस योजना के तहत स्मार्टफोन खरीद में अपने कार्यकर्ताओं और वर्करों को फायदा पहुंचाया जाए, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इसमें सहयोग करने से इनकार कर दिया। इसी का नतीजा है कि उनके खिलाफ यह कठोर कदम उठाया गया।
सुनील जाखड़ ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि वह इस पूरे मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मांग की जाएगी कि इस धक्कशाही भरे कदम की गहन जांच हो और सख्त कार्रवाई की जाए। जाखड़ ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब में ईमानदार अधिकारियों को सज़ा दी जा रही है और गलत कामों के लिए दबाव डाला जा रहा है। अगर किसी लेन-देन में हामी न भरने पर अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए घातक है।”
जाखड़ ने पंजाब सरकार पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में फैसले ऐसे लोग ले रहे हैं जो पंजाब के नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर बाहर से आए लोग ही पंजाब पर हुक्म चलाएंगे, तो यह राज्य के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
गौरतलब है कि गत दिवस पंजाब सरकार ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को निलंबित किया था। इनमें—आईएएस अधिकारी कमल किशोर यादव, जो उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में प्रशासनिक सचिव के पद पर तैनात थे, को ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के नियम 3(1) के तहत निलंबित किया गया। वहीं दूसरी ओर, आईएएस अधिकारी जसप्रीत सिंह, जो पंजाब इन्फोटेक (Punjab INFOTECH) के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे, को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।