Edited By Urmila,Updated: 09 Feb, 2026 05:47 PM

गोराया के पास अनिहर गांव में श्री गुरु रविदास महाराज जी के गुरुद्वारा साहिब में हुई घटना से श्रद्धालुओं के दिल दहल गए।
गोराया (मुनीश बावा) : गोराया के पास अनिहर गांव में श्री गुरु रविदास महाराज जी के गुरुद्वारा साहिब में हुई घटना से श्रद्धालुओं के दिल दहल गए। दो दिन पहले श्री गुरु रविदास महाराज जी के प्रकाशोत्सव को समर्पित गांव में नगर कीर्तन निकाला गया था, जिसके बाद रविवार को गुरुद्वारा साहिब में एक कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर आयोजकों ने बताया कि रात करीब 10 बजे गुरुद्वारा साहिब बंद कर दिया गया था, जिसके कुछ देर बाद गुरुद्वारा साहिब के सामने रहने वालों ने देखा कि गुरुद्वारा साहिब के हॉल से धुआं निकल रहा है, जिसके बाद गुरुद्वारा कमेटी और श्रद्धालु तुरंत वहां पहुंचे, लेकिन तब तक आग काफी भयंकर हो चुकी थी। काफी मशक्कत के बाद लोगों ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप को नुकसान पहुंच चुका था।
उन्होंने कहा कि यह पूरा हादसा बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ, जिसके बारे में पुलिस को सुबह करीब 11 बजे पता चला जब गांव वालों ने उन्हें सूचित किया, जिसके बाद गोराया पुलिस डीएसपी फिल्लौर भरत मसीह के साथ मौके पर पहुंची।

इसके अलावा एसजीपीसी की टीमें, सत्कार कमेटी और सिख संगठन मौके पर पहुंचे। इस मौके पर पहुंचे सतीश सिंह खालसा जी फगवाड़ा से जिला जत्थेदार दशमेश तरना, अरबां खरबां तरना दल के जत्थेदार बाबा राजा राज सिंह जी और उनके द्वारा नियुक्त जत्थेदार सुखदीप सिंह जी ग्रामीण माछीवाड़ा, जत्थेदार रविंदर सिंह खालिस्तानी ऑल इंडिया सिख सत्कार कमेटी ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने 2013 में एक खरड़ा तैयार किया था कि गुरुद्वारा साहिब में एक स्थायी सेवादार नियुक्त किया जाए, लेकिन इस गुरुद्वारा साहिब में न तो कोई स्थायी सेवादार है और न ही सीसीटीवी कैमरे चल रहे हैं। इतनी बड़ी घटना कैसे हुई, यह जांच का विषय है।

इस मौके गांव वासियों ने कहा कि यह घटना बिजली शार्ट सर्कट कारण घटी है जिसमें किसी का कोई कसूर नहीं है। सारी संगत श्रद्धा से गुरुपर्व मना रही थी। आज संगत के दिल दहल गए है क्योंकि गुरु महाराज के दोनों स्वरूपों को गांव में ले जाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब में हाजिरी लगाने के लिए भी कहा गया है, जहां गांव वाले जाएंगे और उनसे आदरपूर्वक निवेदन करने के बाद कि जो कमियां रह गई हैं, उन्हें पूरा करके महाराज को गांव में ले आएंगे। संगत ने नम आंखों से गुरुद्वारा साहिब से महाराज को विदा किया। इस मौके पर DSP भरत मसीह ने कहा कि शुरुआती जांच में यह पूरी घटना शॉर्ट सर्किट की वजह से हुई लग रही है। बाकी जांच की जा रही है।
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