Edited By Urmila,Updated: 10 Feb, 2026 03:01 PM

आम आदमी पार्टी के नेता हरमीत सिंह पठानमाजरा को बड़ी राहत देते हुए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज FIR और उसके बाद जारी समन रद्द कर दिए हैं।
चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी के नेता हरमीत सिंह पठानमाजरा को बड़ी राहत देते हुए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज FIR और उसके बाद जारी समन रद्द कर दिए हैं। पठानमाजरा पर अपने चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप था।
हरमीत सिंह पठानमाजरा ने सनौर विधानसभा क्षेत्र से आप उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। उस समय, क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर ने आरोप लगाया था कि पठानमाजरा ने नामजदगी पेपर के साथ जमा किए गए फॉर्म-26 हलफनामे में गलत जानकारी भरी थी। इस शिकायत के आधार पर, 10 फरवरी, 2022 को पटियाला के जुलकां पुलिस स्टेशन में IPC और लोक प्रतिनिधिता एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके बाद, 13 अप्रैल, 2023 को पटियाला के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने उन्हें समन जारी किया।
जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने पठानमाजरा की पटीशन को मंजूरी देते हुए कहा कि FIR दर्ज करना और समन जारी करना अधिकार क्षेत्र से बाहर है। कोर्ट ने अपने फैसले में ये जरूरी बातें कहीं:
• मामूली अपराध: कोर्ट ने साफ किया कि लगाए गए सभी आरोप 'गंभीर' नहीं थे।
• मजिस्ट्रेट की इजाजत ज़रूरी: सी.आर.पी.सी. की धारा 155 के नियमों के मुताबिक, ऐसे मामलों में पुलिस मजिस्ट्रेट की पहले से इजाजत के बिना FIR दर्ज नहीं कर सकती या जांच नहीं कर सकती।
• अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन: क्योंकि पुलिस ने मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना जांच की थी, इसलिए पूरी कार्रवाई गैर-कानूनी थी।
इस वजह से, एक कैंसलेशन रिपोर्ट तैयार करके CJM, पटियाला के सामने पेश की गई। हालांकि मजिस्ट्रेट ने रिटर्निंग ऑफिसर की शिकायत को एक शिकायत का मामला मानते हुए पटीशनर को तलब कर लिया और धाराएं 193, 199 आई.पी.सी. व रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951 की धारा 125A के तहत दृष्टयता अपराध बनता हुआ माना। कोर्ट ने इन तथ्यों के आधार पर हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ सभी कानूनी कार्रवाई खारिज कर दी है। इस मामले में पठानमाजरा की तरफ से वकील सन्नी सग्गर पेश हुए थे।
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