Edited By Vatika,Updated: 10 Sep, 2026 03:57 PM

दिड़बा के गांव तूरबंजारा के गुलजार सिंह आत्महत्या मामले में नया मोड़ सामने आया है।
पंजाब डेस्कः दिड़बा के गांव तूरबंजारा के गुलजार सिंह आत्महत्या मामले में नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, अब मृतक के परिवार ने वीडियो जारी कर प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
वीडियो में लगाए गए आरोपों के आधार पर हो FIR
गुलजार सिंह की पत्नी और तीनों बेटों का आरोप है कि प्रशासन ने 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने का आश्वासन देकर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवा दिया। परिवार का आरोप है कि प्रशासन ने मृतक के छोटे बेटे को गुमराह कर उसके बयान भी लिए। परिवार के मुताबिक, गुलजार सिंह ने मौत से पहले बनाए गए वीडियो में मंत्री हरपाल सिंह चीमा, मौजूदा सरपंच, सरपंच के पति और कुछ अन्य लोगों के नाम लिए थे। परिवार ने मांग की है कि वीडियो में लगाए गए आरोपों के आधार पर सभी संबंधित लोगों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर जांच की जाए। परिवार ने यह भी कहा है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे अस्थियां उठाने और भोग समेत आगे की धार्मिक रस्में नहीं करेंगे। परिवार ने प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
क्या है मामला
बता दें कि 50 वर्षीय गुलजार सिंह ने कथित तौर पर पिछले हफ़्ते दिड़बा में एक कार्यक्रम के दौरान हुई घटना के बाद जहरीला पदार्थ खा लिया था। जानकारी के अनुसार, गुलजार ने कार्यक्रम के दौरान नशीली दवाओं की बिक्री पर सवाल उठाते हुए कहा था, "मेरा बेटा खुलेआम 'चिट्टा' लेता है। आप नशीली दवाओं की समस्या के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते?" बाद में वायरल हुए एक वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि उनका बेटा नशे का आदी है क्योंकि यह आसानी से उपलब्ध है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में गुलजार पर दबाव डाला गया और संगरूर में पुलिस ने उन्हें परेशान किया, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। गुलजार को शुरू में दिड़बा के एक अस्पताल ले जाया गया था। बाद में उन्हें पटियाला के राजिंदरा अस्पताल और फिर आगे के इलाज के लिए लुधियाना ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।