Edited By Subhash Kapoor,Updated: 07 Sep, 2026 09:36 PM

जालंधर वेस्ट के पारस कॉलोनी में मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और उसकी मौत के मामले में पंजाब सरकार के दावों और वादों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को पीड़िता की मां हरप्रीत कौर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा नेता और पूर्व विधायक...
जालंधर : जालंधर वेस्ट के पारस कॉलोनी में मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और उसकी मौत के मामले में पंजाब सरकार के दावों और वादों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को पीड़िता की मां हरप्रीत कौर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा नेता और पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने पंजाब सरकार, जिला प्रशासन और कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत पर तीखे आरोप लगाए।
शीतल अंगुराल ने कहा कि घटना के समय सरकार और प्रशासन ने पीड़ित परिवार से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज 10 महीने बीत जाने और बच्ची की बरसी होने के बावजूद न तो परिवार को सरकारी नौकरी का वादा पूरा किया गया और न ही कोई सरकारी नुमाइंदा परिवार का हाल पूछने पहुंचा।
शीतल अंगुराल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और स्थानीय कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने मंचों से केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने, आरोपी को जल्द फांसी दिलाने और पीड़ित मां को तुरंत सरकारी नौकरी देने के बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन आज तक एक भी वादा पूरा नहीं हुआ।
अंगुराल ने बताया कि बीते दिन गुरुद्वारा साहिब में बच्ची की बरसी के मौके पर परिवार ने आधा घंटा इंतजार किया, लेकिन सरकार या प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी या नेता दुख साझा करने नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण मामला प्रभावित हुआ था, उन पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें दूसरी जगह तैनात करके बचाया गया है। सिर्फ कोर्ट से इंसाफ की उम्मीद उन्होंने कहा कि सरकार ने परिवार को तोड़ने और राजनीति करने का काम किया। अब परिवार को केवल अदालत (कोर्ट) से ही न्याय की उम्मीद है, जो अपना काम निष्पक्षता से कर रही है।
शीतल अंगुराल ने कहा कि पीड़िता के पिता का पहले ही देहांत हो चुका था और मां अकेले ही बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। बच्ची के जाने के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वे इस पीड़ित परिवार की आवाज बनें और सरकार को उनके किए वादे याद दिलाकर इंसाफ दिलाने में मदद करें।