Edited By Sunita sarangal,Updated: 29 Aug, 2025 04:52 PM

नदी का पानी अब पुल की ओर जाने वाली सड़क से ऊपर उठने लगा है।
सुल्तानपुर लोधी(धीर): पौंग डैम से लगभग 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण ब्यास नदी में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि के कारण मंड क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है। नदी का पानी अब पुल की ओर जाने वाली सड़क से ऊपर उठने लगा है। जिसके चलते बाढ़ की खतरनाक स्थिति को देखते हुए प्रशासन जिले में हाई अलर्ट जारी कर गांवों को खाली करा रहा है।
किसी भी खतरनाक स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सेना के दो वाहन बाऊपुर पुल पर भेज दिए हैं। इसके अलावा एस.डी.आर.एफ. की टीमें लगातार लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगी हुई हैं। मंड क्षेत्र के किसान नेता परमजीत सिंह बाऊपुर एक बड़ी नाव में दिन-रात एक करके लोगों और पशुओं को लगातार बाहर निकाल रहे हैं।
नदी का जलस्तर बढ़ने और सभी अस्थायी बांधों के टूटने से धुस्सी बांध तक भी पानी पहुंच गया है। जिससे आस-पास के गांव जो फिलहाल बाढ़ से सुरक्षित थे उन पर भी खतरा मंडराने लगा है और गांव के लोगों में डर और दहशत देखी जा रही है। क्योंकि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। आहली बांध टूटने के बाद किसानों ने फसलों को बचाने के लिए जो भी छोटे-छोटे और अन्य अस्थायी बांध बनाए थे वह सभी टूट गए हैं।
गोइंदवाल साहिब पुल पर पानी खतरे के निशान को पार कर गया है लेकिन लोग अभी भी मिट्टी की बोरियों के जरिए पानी छोड़ कर उन बांधों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन कुदरत के कहर के आगे वे बेबस हैं। लोगों का कहना है कि अगर मौसम विभाग के अनुसार और बारिश हुई तो सब कुछ तबाह हो जाएगा। बुजुर्ग महिलाएं नदी पर जाकर अरदास कर रही हैं। किसान बेहद भावुक हैं और अभी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।
वहीं लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने बेजुबान मवेशियों को भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। जिसके चलते किसान नेता परमजीत सिंह बाऊपुर दिन-रात बड़ी नावों के जरिए मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुटे हैं। किसान नेता का कहना है कि इंसानों की तरह मवेशियों का दर्द देखा नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्यास नदी में हालात बहुत बिगड़ गए हैं और अगले 24 या 48 घंटों में और बिगड़ने की आशंका है।
गरीब किसानों के घर बाढ़ में डूबे
बाढ़ ने मंड क्षेत्र में पूरी तरह से तबाही मचा दी है। जलस्तर बढ़ने के कारण रामपुर गोरा में 3 और परिवारों बलजीत सिंह, बख्तौर सिंह और गुर निशान सिंह के घर भी ढहकर गिर गए हैं। किसान नेता बाऊपुर ने उनके परिवारों को उनके सामान समेत बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। किसान नेता परमजीत सिंह बाऊपुर का कहना है कि यह परिवार बहुत गरीब हैं। इनके पास एक-दो एकड़ जमीन है जिससे ये बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का पेट पालते थे। अब फसलों के साथ-साथ घर भी पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सरकार और प्रशासन इन परिवारों के लिए घर बनाने हेतु 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि की तत्काल घोषणा करे।
राहत सेवाएं भेजने का कार्य निरंतर जारी
मंड क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण दूर-दूर से गांवों और समाजसेवी संस्थाओं द्वारा राहत सेवाएं पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है। बाढ़ प्रभावित लोगों ने सेवाएं भेजने वाले सभी समाजसेवी संस्थाओं और लोगों का आभार व्यक्त किया।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here