Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Feb, 2025 07:37 PM
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17 अक्टूबर 2024 को एक युवक की हिरासत में मौत के मामले में सीआईए स्टाफ के तत्कालीन एसएचओ समेत पांच पुलिस कर्मी आज कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसके बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कुलदीप सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए सात मार्च की तारीख तय...
बठिंडा (विजय वर्मा) : 17 अक्टूबर 2024 को एक युवक की हिरासत में मौत के मामले में सीआईए स्टाफ के तत्कालीन एसएचओ समेत पांच पुलिस कर्मी आज कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसके बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कुलदीप सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए सात मार्च की तारीख तय की है। जांच के बाद अदालत ने तत्कालीन सीआईए स्टाफ इंस्पेक्टर नवप्रीत सिंह, हेड कांस्टेबल राजविंदर सिंह, कांस्टेबल गगनप्रीत सिंह, हरजीत सिंह और जसविंदर सिंह पर युवक भिंडर सिंह की हत्या और सबूत नष्ट करने का मुकदमा चलाने का फैसला किया। अदालत ने इन पांचों पुलिस अधिकारियों को वीरवार को पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन आज कोई भी पुलिस अधिकारी अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कुलदीप सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई सात मार्च के लिए तय की है।
उल्लेखनीय है कि बीती 16 अक्टूबर 2024 को बठिंडा पुलिस के सीआईए स्टाफ-1 के अधिकारियों व कर्मियों ने एक मामले के सिलसिले में गांव लक्खी जंगल के युवक भिंदर सिंह को हिरासत में लिया था। इसके बाद पुलिस ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए युवक ने गुरु नानक देव थर्मल पावर प्लांट की झीलों में कूदकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। फिरोजपुर जेल में मरने वाले भिंदर सिंह के भाई ने बीती 19 अक्टूबर 2024 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजे लिखित पत्र में सीआईए स्टाफ पर उसके भाई को प्रताड़ित कर हत्या करने का आरोप लगाया था, जिसके आधार पर मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए थे। न्यायिक जांच में बठिंडा पुलिस के सीआईए-1 के तत्कालीन इंस्पेक्टर सहित पांच पुलिसकर्मियों को हिरासत में 'वॉटरबोर्डिंग' जैसी गंभीर यातनाएं देकर युवक भिंडर सिंह की हत्या करने का दोषी ठहराया गया। मामले की सुनवाई वीरवार को होनी थी और अदालत ने उक्त अधिकारियों को पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन कोई भी पुलिस अधिकारी अदालत में पेश नहीं हुआ।