Edited By Kamini,Updated: 05 Jun, 2026 03:33 PM

किसानों का कहना है कि चोर उनकी मोटरें चोरी करने की बजाय खेतों में अपना यूपीआई (UPI) स्कैनर या क्यूआर कोड लगाकर चले जाएं, वे आपस में पैसे इकट्ठे करके उनके खाते में डाल देंगे, लेकिन उनकी कृषि मशीनरी को नुकसान न पहुंचाया जाए।
फरीदकोट (राजन) : फरीदकोट के गांव पक्की कलां में ट्यूबवेल मोटरों की लगातार हो रही चोरियों से परेशान किसानों ने चोरों को ही एक अनोखा प्रस्ताव दे दिया है। किसानों का कहना है कि चोर उनकी मोटरें चोरी करने की बजाय खेतों में अपना यूपीआई (UPI) स्कैनर या क्यूआर कोड लगाकर चले जाएं, वे आपस में पैसे इकट्ठे करके उनके खाते में डाल देंगे, लेकिन उनकी कृषि मशीनरी को नुकसान न पहुंचाया जाए।
यह अनोखी अपील उस समय सामने आई जब बीती रात चोरों ने गांव के खेतों से करीब 25 ट्यूबवेल मोटरें चोरी कर लीं। एक ही रात में बड़ी संख्या में मोटरों की चोरी के बाद किसानों ने अपना रोष और बेबसी जाहिर करने के लिए एक पोस्टर तैयार किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के महत्वपूर्ण समय में मोटरों की चोरी उनके लिए बड़ा संकट बन जाती है। मोटरों के गायब होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होती है और फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। उनका आरोप है कि बार-बार हो रही चोरियों के बावजूद न तो पुलिस और न ही प्रशासन इस समस्या पर प्रभावी रोक लगा सका है।
गांव के किसानों ने कहा कि हर साल ऐसी घटनाओं के कारण उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मोटरों की चोरी से फसलों का पूरा चक्र प्रभावित हो जाता है और मानसिक तनाव भी बढ़ता है। इसी कारण वे मजबूरी में यह कहने को विवश हुए हैं कि चोर मोटरों को हाथ न लगाएं और बदले में पैसे ले जाएं। गांव के किसान और मजदूर रात के समय खेतों में बने कमरों में रहकर मोटरों की रखवाली करते थे, लेकिन अब चोरी करने वाले गिरोहों के हथियारबंद होने के कारण लोग डर महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि अंधेरा होते ही खेत सुनसान हो जाते हैं और किसान अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।
बताया जा रहा है कि ये चोरी करने वाले गिरोह 10 से 12 सदस्यों के होते हैं और चोरी की गई मोटरों को तोड़कर कबाड़ियों को बेच देते हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पहले भी ऐसे मामलों में कुछ चोरीशुदा मोटरें कबाड़ियों से बरामद की जा चुकी हैं। किसानों की यह अनोखी अपील उनकी बेबसी और कृषि उपकरणों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाती है, जिसने इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
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