Edited By Kalash,Updated: 12 Sep, 2026 05:30 PM

गुरुवार देर रात जिला स्तरीय सिविल अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब सिटी वन के पुलिसकर्मी एक लावारिस शव को सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में रखने पहुंचे।
मोगा (संदीप शर्मा): गुरुवार देर रात जिला स्तरीय सिविल अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब सिटी वन के पुलिसकर्मी एक लावारिस शव को सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में रखने पहुंचे। मुर्दाघर में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने पुलिस को बताया कि उनका फ्रिज खराब होने के कारण वे शव को यहां नहीं रख सकते। सिविल अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, यह सुनकर पुलिसकर्मी क्रोधित हो गया और उसने कथित तौर पर फ्रिज का ताला तोड़ दिया। जबकि इस फ्रिज के बाहर इसके खराब होने संबंधी सूचना लिखित तौर पर दी गई थी।
मौके पर मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर ने उक्त पुलिसकर्मी को समझाने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर डॉक्टर से भी धक्का-मुक्की करने का प्रयास किया, जिस संबंधी डॉक्टर ने मीडिया को इस बात का खुलासा किया लेकिन पुलिसकर्मी ने इन आरोपों से पूरी तरह से गलत होने का दावा किया।
सिविल अस्पताल के अन्य डॉक्टरों को घटना की सूचना मिलते ही सभी डॉक्टर मौके पर जमा हो गए और उक्त पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही एस.एम.ओ. डॉ. गुरविंदर सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने जिला पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। डॉक्टर ने लिखित शिकायत दर्ज कराई और मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले की जांच के बाद कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ही मामला शांत हो सका और यह सभी स्वास्थ्य कर्मियों और शहर के बीच चर्चा का विषय बन गया।
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