Edited By Kalash,Updated: 02 Nov, 2026 11:45 AM

पंजाब में महिलाओं के लिए स्तन कैंसर तेजी से गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है।
अमृतसर (दलजीत): पंजाब में महिलाओं के लिए स्तन कैंसर तेजी से गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। बीमारी की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच प्रदेश में कैंसर के कारण 13,299 महिलाओं की मौत हुई, जिनमें से 7,186 महिलाओं की जान स्तन कैंसर ने ली। चिंताजनक पहलू यह है कि जागरूकता अभियानों के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं बीमारी के शुरुआती लक्षणों को पहचानने में देरी कर रही हैं। कई महिलाएं स्तन में गांठ या शारीरिक बदलाव को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देती हैं लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकती है। वर्ष 2025 में ही स्तन कैंसर के कारण 1,457 महिलाओं की मौत दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 17 से 23 अक्तूबर तक स्तन कैंसर जागरूकता अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं को बीमारी के लक्षणों, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक करना है।
स्तन में गांठ को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों में स्तन में नई गांठ बनना, त्वचा में बदलाव आना, स्तन के आकार में परिवर्तन होना, निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना और बगल में गांठ महसूस होना शामिल हैं। कई मामलों में शुरुआती अवस्था में दर्द नहीं होता, जिसके चलते महिलाएं इसे सामान्य परेशानी समझकर उपचार करवाने में देरी कर देती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार स्तन में किसी भी प्रकार की असामान्य गांठ या बदलाव महसूस होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर जांच होने से बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान संभव है और उपचार के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
मैडीकल कालेज अमृतसर में कैंसर मरीजों को मिल रहा बेहतर उपचार
कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच सरकारी मैडीकल कॉलेज अमृतसर स्थित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट मरीजों के लिए महत्वपूर्ण उपचार केंद्र बनकर उभरा है। यहां कैंसर पीड़ितों का विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की देख-रेख में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ बेहतर ढंग से उपचार किया जा रहा है। संस्थान में उपलब्ध आधुनिक मशीनों और उपचार तकनीकों के कारण मरीजों को एक ही संस्थान में रेडिएशन सहित कैंसर के विभिन्न उपचारों की सुविधाएं मिल रही हैं।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां केवल अमृतसर जिले के मरीज ही नहीं बल्कि गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन सहित पंजाब के अलग-अलग जिलों से भी मरीज उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे बाहरी राज्यों से भी कैंसर पीड़ित मरीज सरकारी मैडीकल कॉलेज अमृतसर के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में उपचार के लिए आ रहे हैं।
आधुनिक मशीनों से रेडिएशन, कीमो और इम्यूनोथैरेपी की सुविधा
स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में आधुनिक बायरियन ड्यूलम लिनियर एक्सीलरेटर उपलब्ध है। सरकारी मैडीकल कॉलेज अमृतसर के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफैसर एवं नोडल अधिकारी डॉ. मनराज सिंह कंग के अनुसार इसके माध्यम से आई.एम.आर.टी,. आई.जी.आर.टी. और वीमैट जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से मरीजों को रेडिएशन उपचार दिया जा रहा है। इसके अलावा बीमारी की स्थिति और मरीज की चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी तथा चुनिंदा मामलों में इंटरवेंशनल ब्रेकीथेरेपी की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। मरीजों की जांच रिपोर्ट और बीमारी की अवस्था के अनुसार उपचार की योजना तैयार करते हैं। आधुनिक तकनीकों का उद्देश्य उपचार को अधिक प्रभावी बनाना और आसपास के स्वस्थ अंगों पर रेडिएशन के अनावश्यक प्रभाव को कम करना है। कैंसर के खिलाफ लड़ाई में आधुनिक उपचार सुविधाओं के साथ मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
जागरूकता और समय पर जांच से कम हो सकती हैं मौतें
स्तन कैंसर के बढ़ते आंकड़े इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। सामाजिक झिझक, जानकारी का अभाव और लक्षणों को नजरअंदाज करने की आदत कई बार उपचार में देरी का कारण बनती है। सरकारी मैडीकल कॉलेज अमृतसर के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफैसर एवं नोडल अधिकारी डॉ. मनराज सिंह कंग के अनुसार स्तन कैंसर के उपचार में बीमारी की समय पर पहचान सबसे महत्वपूर्ण है। महिलाओं को स्तन में गांठ, त्वचा में बदलाव या किसी अन्य असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच से बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान कर उचित उपचार शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में बायरियन ड्यूलम लिनियर एक्सीलरेटर के माध्यम से आई.एम.आर.टी., आई.जी.आर.टी. और वीमैट जैसी आधुनिक तकनीकों से रेडिएशन उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और चुनिंदा मामलों में इंटरवेंशनल ब्रेकीथेरेपी की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां अमृतसर के साथ पंजाब के विभिन्न जिलों तथा जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से भी मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। संस्थान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रही है।
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