पंजाब बॉर्डर पर Drones के जरिए नशे की सप्लाई, 10 महीने में Heroin बरामदगी के हैरानीजनक आंकड़े

Edited By Kamini,Updated: 31 Oct, 2026 12:44 PM

drug supply data on punjab border

एकतरफ जहां केन्द्र व राज्य सरकार की एजैंसियों की तरफ से नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है और नशे की रोकथाम के दावे किए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ भारत-पाकिस्तान बार्डर पर हालात कुछ अलग ही नजर आ रहे हैं।

अमृतसर (नीरज) : एकतरफ जहां केन्द्र व राज्य सरकार की एजैंसियों की तरफ से नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है और नशे की रोकथाम के दावे किए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ भारत-पाकिस्तान बार्डर पर हालात कुछ अलग ही नजर आ रहे हैं। वर्ष 2026 के अभी 10 महीने पूरे भी नहीं हुए कि अकेले बी.एस.एफ. की तरफ से ही अब तक 1056 किलो हैरोईन रिकवर की जा चुकी है जो बी.एस.एफ. के इतिहास में सबसे ज्यादा रिकवरी है। पाकिस्तान की सीमा से सटे 3 से 5 किलोमीटर दूरी के कुछ बदनाम गांवों में इन दिनों बड़े हैगजाकाप्टर ड्रोन उड़ रहे हैं जो 12 से 15 किलो तक का वजन उठाने में सक्षम हैं।

गत दिवस भी बी.एस.एफ. की तरफ बचीविंड गांव के इलाके में 13 किलो वजन का हैरोइन का एक बड़ा पैकेट जब्त किया गया जिसके अन्दर 10 छोटे पैकेट भरे हुए थे। आई.सी.पी. अटारी व आसपास के इलाके में भी 6-6 किलो वजन के 2 पैकेट जब्त किए गए हैं। जिस रफ्तार से हैरोइन के सीजर हो रहे हैं उससे अनुमान लगाया जा रहा था कि इस वर्ष कम से कम 1 हजार किलो हैरोइन जब्त होगी लेकिन 10 महीने में ही 1056 किलो तक हैरोइन पकड़ी जा चुकी है और अभी वर्ष पूरा होने में 2 महीने का समय बाकी है।

2025 की तुलना 3 गुना रिकवरी बढ़ने की संभावना

वर्ष 2025 के दौरान पूरे पंजाब बार्डर के सीमावर्ती जिलों में 12 महीनों के दौरान 423 किलो हैरोइन जब्त की गई थी लेकिन इस वर्ष 2026 में अभी 10 महीने का समय भी पूरा नहीं हुआ है लेकिन अकेले अमृतसर बार्डर पर ही 500 किलो हैरोइन जब्त की जा चुकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में 3 गुना ज्यादा रिकवरी होने की संभावना है। दूसरी तरफ नशे के खिलाफ जारी अभियान के तहत सिटी व देहाती पुलिस के अलावा काऊंटर इंटैलीजैंस, एस.एस.ओ.सी. व ए.एन.टी.एफ. की तरफ से अलग से बड़ी रिकवरी की जा रही है जिसमें हैरोइन के अलावा हथियार भी बड़ी मात्रा में जब्त किए जा रहे हैं।

10 महीनों के दौरान जब्त किए 210 ड्रोन व 360 तस्कर

पिछले 10 महीनों के दौरान 210 बड़े व छोटे ड्रोन जब्त किए जा चुके हैं जोकि वर्ष 2024 की तुलना में कम हैं लेकिन अभी वर्ष पूरा होनेे में 2 महीने का समय बाकी है। बी.एस.एफ. की तरफ से अन्य एजैंसियों के साथ मिलकर जिसमें मुख्य रूप से ए.एन.टी.एफ. के साथ मिलकर 360 नशा तस्करों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

अत्याधुनिक एंटी ड्रोन सिस्टम की कमी

मौजूदा समय में ड्रोन की आमद बेकाबू होती नजर आ रही है इसकी तुलना में एंटी ड्रोन सिस्टम उतना मजबूत नहीं है जितना होना चाहिए। केन्द्र व राज्य सरकार की सुरक्षा एजैंसियों की हाल ही में हुई बैठक के दौरान अत्याधुनिक एंटी ड्रोन सिस्टम का मुद्दा गर्माया। कुछ समय के लिए इजरायल की कंपनी की तरफ से निर्मित एंटी ड्रोन सिस्टम का टैस्ट भी किया गया जो काफी सफल रहा। माहिरों के अनुसार सभी संवेदनशील इलाकों में एंटी ड्रोन सिस्टम लगाने की जरूरत है लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। हैरोइन व हथियारों की आमद की बात करें तो सौ प्रतिशत आमद इस समय पाकिस्तान की तरफ से आने वाले ड्रोन के जरिए हो रही है। कुछ इलाकों में तो दिन के समय में भी ड्रोन उड़ते नजर आ रहे हैं।

‘बाज अक्ख’ की गिरफ्तारी के बाद खड़े हो रहे सवाल

ड्रोन को ट्रेस करने के लिए एंटी ड्रोन सिस्टम ‘बाज अक्ख’ तैनात की गई है लेकिन हाल ही में बी.एस.एफ. व एन.सी.बी. की तरफ से ‘बाज अक्ख’ में तैनात कांस्टेबल करणबीर को 15 किलो हैरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। उसकी शिनाख्त पर एक सरपंच को भी गिरफ्तार किया गया जिससे बाज अक्ख पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। कहीं अमृतसर के सीमावर्ती इलाकों में भी इस प्रकार का माहौल तो नहीं है। यह सवाल खड़ा हो रहा है।

सैकेंड लाइन ऑफ डिफैंस मजबूत करने की जरूरत

बार्डर पर फर्स्ट लाइन ऑफ डिफैंस बी.एस.एफ. के साथ-साथ सैकेंड लाइन ऑफ डिफैंस यानि देहाती पुलिस को भी अपना नैटवर्क मजबूत करने की जरूरत है। दावा किया जा रहा है कि बार्डर पर सैकेंड लाइन ऑफ डिफैंस को और ज्यादा मजबूत किया गया है लेकिन जिस प्रकार से 12 से 15 किलो वजन के पैकेट ड्रोन गिरा रहा है उससे सवाल खड़ा होता है कि यह कौन लोग हैं जो इतनी बड़ी मात्रा में हैरोइन व हथियार मंगवा रहे हैं। बार्डर रेंज में पाकिस्तान से अमृतसर बार्डर, गुरदासपुर बार्डर का इलाका सटा है जो सबसे संवेदनशील है।

बी.एस.एफ. की पोस्टों के नजदीक गिराई जा रही खेप

पाकिस्तान की तरफ से आने वाले ड्रोन के जरिए काफी ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें बीएसएफ की पोस्टों के बिल्कुल नजदीक हैरोइन की खेप गिराई जा रही है। इसमें काफी सारे केसों में तो तस्करों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है और कुछ मामलों में लावारिस हालत में खेप पकड़ी जा चुकी है। ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो तस्करों को बी.एस.एफ. का भी खौफ नहीं रहा है।

फिर वही गिने-चुने गांव और ड्रोन

अमृतसर का लगभग 143 किलोमीटर लंबा बार्डर पाकिस्तान के साथ सटा है और इसी बार्डर में एक दर्जन के लगभग वही गिने-चुने गांव हैं जहां आए दिन ड्रोन की मूवमैंट होती रहती है और हैरोइन व हथियारों की रिकवरी होती है। इन गांवों में अटारी, नेष्टा, मुहावा, मोदे, रत्नखुर्द, धनोआ कलां, धनोआ खुर्द, डल्लेके, दाऊके, राजाताल, कक्कड़, कक्कड़ राणियां, बल्लड़वाल, भिंडीसैदां व अन्य गांव शामिल हैं। पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन की बात करें तो ड्रोन चार से पांच किलोमीटर या इससे भी ज्यादा भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रहा है लेकिन तस्करों का कोई अता पता नहीं चल रहा है।

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