Edited By Kalash,Updated: 15 Sep, 2026 05:03 PM

पटियाला में तैनात पावरकॉम के जूनियर इंजीनियर दविंदर मेहरा के निलंबन की भारतीय जनता पार्टी ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
चंडीगढ़ : पटियाला में तैनात पावरकॉम के जूनियर इंजीनियर दविंदर मेहरा के निलंबन की भारतीय जनता पार्टी ने कड़े शब्दों में निंदा की है। भाजपा के प्रदेश महासचिव अनिल सरीन ने एक बयान जारी कर पंजाब सरकार से मांग की है कि दविंदर मेहरा के खिलाफ की गई निलंबन की कार्रवाई को तुरंत वापस लिया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
अनिल सरीन ने कहा कि दविंदर मेहरा को केवल इसलिए निलंबित कर दिया गया क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट पर टिप्पणी की थी, जबकि कर्मचारियों का दावा है कि यह टिप्पणी मेहरा ने नहीं की, बल्कि एआई (AI) जनरेटेड है। इसके बावजूद सरकार ने इस मामले में न तो कोई अपील सुनी और न ही दलील, बल्कि सीधे तानाशाही फरमान जारी कर दिया।
अनिल सरीन ने कहा कि किसी भी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले पूरे मामले के तथ्यों और संबंधित कर्मचारी का पक्ष भी ध्यानपूर्वक सुना जाना चाहिए। यदि किसी कर्मचारी से कोई गलती हुई भी है, तो उसकी जांच नियमों और कानून के अनुसार होनी चाहिए। लेकिन पूरे तथ्यों को सामने लाए बिना कार्रवाई करना कर्मचारियों में अविश्वास पैदा करने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की पोस्ट पर टिप्पणी करना कोई अपराध नहीं है। कर्मचारी मांगों को लेकर कर्मचारी और उनके समर्थक सोशल मीडिया पर भी मुख्यमंत्री के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और उन्हें अनफॉलो कर रहे हैं। शायद इसी कारण सरकार बौखला गई है और बिना किसी ठोस आधार के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। अनिल सरीन ने कहा कि यह कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का घोर उल्लंघन है, जिसकी भारतीय जनता पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है।
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