पंजाब के लाखों राशन कार्ड धारकों के लिए बड़े खतरे की घंटी

Edited By Kamini,Updated: 19 Nov, 2025 07:05 PM

big alarm bells for ration card holders

कार्ड धारकों को राशन डिपुओं से मिलने वाली फ्री गेहूं पर संकट के बादल छा गए हैं।

लुधियाना (खुराना) : पंजाब समेत पूरे देश में राशन कार्ड धारकों की E-KYC का काम चल रहा है, जिसके तहत ज़्यादातर लाभार्थियों द्वारा यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लेकिन अभी भी पंजाब के लाखों लाभार्थियों ने E-KYC नहीं कराई है। उदाहरण के लिए, अगर सिर्फ़ लुधियाना ज़िले की बात करें, तो  जिले से संबंधित 4,40,474 के करीब स्मार्ट राशन कार्ड धारक परिवारों के कुल 16,93,249 लाख सदस्यों में से 2,17,336 लाभ पात्र केंद्र व राज्य सरकारों सहित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों द्वारा बार-बार अपील करने के बावजूद भी अपनी E-KYC करवाने के लिए आगे नहीं आए हैं जिसके चलते उक्त कार्ड धारकों को राशन डिपुओं से मिलने वाली फ्री गेहूं पर संकट के बादल छा गए हैं।

काबिले गौर है कि मौजूदा समय दौरान केंद्र सरकार द्वारा "प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना" से जुड़े परिवारों को 1 अक्टूबर से लेकर 31 दिसंबर तक के 3 महीने की फ्री गेहूं का लाभ दिया जा रहा है, जिसमें राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक मैंबर को 5 किलो ग्राम प्रति महीने के हिसाब से 3 महीने की 15 किलो गेहूं दी जा रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक लुधियाना जिले से संबंधित ईस्ट इलाके में 8,76291 जबकि वैस्ट सर्कल में 8,16958 राशन कार्ड विभाग के सरकारी खाते में धारक बोल रहे हैं जिनमें से ईस्ट के 88.96 और वेस्ट के 85.24 फीसदी परिवारों द्वारा ही अपनी E-KYCकरवाई गई है जो कि पूरे लुधियाना जिले का कुल 87.16 प्रतिशत है।

यहां से बात का जिक्र करना भी अनिवार्य होगा कि केंद्र एवं राज्य सरकार सहित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा "प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना" से जुड़े प्रत्येक परिवारों की ई.के.वाई.सी. करवाने के लिए नि:शुल्क कैंप लगाने के लिए शहर में जागरूकता अभियान कई बार चलाया गया और साथ ही ई.के.वाई.सी. करवाने के लिए तय की गई निर्धारित समय सीमा में भी कई बार बढ़ौतरी की गई है। ताकि कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार सरकार की बहुमूल्य फ्री अन्न योजना से वंचित न रह सके, लेकिन बावजूद इसके 12.84 फीसदी परिवार अपनी E-KYC करवाने के लिए आगे नहीं आए हैं जिससे राशन डिपो होल्डरों व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से पिछले लंबे अरसे तक राशन कार्ड में फर्जीवाडे़ और सरकारी गेहूं की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी होने जैसी संभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। जिसे लेकर राशन डिपो होल्डर एसोसिएशन द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि योजना से जुड़े अधिकतर प्रवासी परिवार अपने पैतृक गांव यू.पी, बिहार व अन्य राज्यों में लौट चुके हैं जिसके कारण E-KYC का काम पूरी तरह से संपूर्ण नहीं हो पाया है जो कि उच्च स्तरीय जांच का विषय है।

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