Edited By Vatika,Updated: 18 Apr, 2026 09:47 AM

पंजाब में नशे के खिलाफ सरकार की 'जंग' की जमीनी हकीकत उस वक्त तार-तार हो गई जब
लुधियाना (राज): पंजाब में नशे के खिलाफ सरकार की 'जंग' की जमीनी हकीकत उस वक्त तार-तार हो गई जब शुक्रवार देर रात वार्ड नंबर 20 के अकाली दल के पार्षद कमल अरोरा ने संजय गांधी कॉलोनी में अपनी टीम और मोहल्ले के लोगों के साथ मिलकर एक बड़ी 'लाइव रेड' को अंजाम दिया।
महिला को नशे की पुड़ियों के साथ रंगे हाथों दबोच
थाना डिवीजन नंबर 7 के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में नशे का कारोबार किस कदर फल-फूल रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्षद ने मौके पर ही एक महिला को नशे की पुड़ियों के साथ रंगे हाथों दबोच लिया। पार्षद ने इस पूरी कार्रवाई को सोशल मीडिया पर लाइव दिखाया, जिससे न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि सरकार के 'नशा मुक्त पंजाब' के नारों पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। हंगामे और गहमागहमी के बीच जब पार्षद ने आरोपी महिला के पास मौजूद प्लास्टिक की डिब्बी की जांच की, तो उसमें भारी मात्रा में नशे की पुड़िया बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब पार्षद ने लाइव वीडियो में ही आरोपी महिला से उसके सप्लायर का पता पूछा।
लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष
महिला ने जिस ठिकाने का नाम लिया, वह मौजूदा पूर्वी हल्के के विधायक (MLA) के दफ्तर से महज चंद कदमों की दूरी पर स्थित है। इस खुलासे ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है और सियासी गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है कि आखिर सत्ता के केंद्र के इतने करीब नशे का काला खेल कैसे चल रहा है। स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस कागजों और बयानों में तो बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत में गलियों के अंदर मौत का सामान सरेआम बिक रहा है। पार्षद कमल अरोरा द्वारा की गई इस साहसिक कार्रवाई ने पुलिस को बैकफुट पर धकेल दिया है। अब क्षेत्र की जनता की नजरें पुलिसिया कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर विधायक के दफ्तर के पास चलने वाले इस नशा नेटवर्क पर कानून का डंडा कब चलेगा और पकड़ी गई महिला के पीछे छिपे बड़े मगरमच्छों तक पुलिस के हाथ कब पहुंचेंगे।