पंजाब सरकार का सराहनीय कदम, इस जिले के लोगों को मिलेगी बड़ी सौगात

Edited By Urmila,Updated: 06 Jul, 2025 11:08 AM

a commendable step by the punjab government

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में सेहत विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।

बठिंडा (विजय) : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में सेहत विभाग ने बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत जिले में 6 करोड़ 8 लाख 76 हजार रुपए की लागत से 8 नए आयुष्मान आरोग्य केंद्र कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सी.एस.आर.) फंड से बनाए जाएंगे। वहीं 5 नए आम आदमी क्लीनिक भी स्थापित होंगे, जिससे लोगों को घरों के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जा सकेंगी।

इस परियोजना को जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त रूप से मंजूरी दी है। डी.सी. शौकत अहमद परे की अध्यक्षता में हुई बैठकों में यह निर्णय लिया गया, जिसके तहत नगर निगम की 9 जून को आयोजित जनरल हाऊस की बैठक में इन प्रस्तावों को पास किया गया।

गांव मिर्जीआना में 73.83 लाख रुपए से केंद्र बनेगा, वहीं गांव नथाना में 74.97 लाख, गांव भोढ़ीपुरा में 49.51 लाख, गांव चक फतेह सिंह वाला में 80 लाख, गांव झंडू में 76.70 लाख, गांव जीवन सिंह वाला में 78.88 लाख, गांव मेहता में 83.06 लाख व गांव रायके कलां में 91.81 लाख रुपए की लात से चारदीवारी सहित आयुष्मान आरोग केंद्र बनाए जाएंगे।

इन सभी केंद्रों को हैल्थ एंड वैल्नैस सैंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां ओ.पी.डी., लैब टैस्ट, दवाइयां और सामान्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, क्योंकि सेहत विभाग का लक्ष्य है कि शहरियों को घर के किलोमीटर के दायरे में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएं। नए केंद्रों की लोकेशन तय की पहले से चल रहे सरकारी अस्पतालों व क्लीनिकों से कम से कम 3 किलोमीटर दूरी हों, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लाभांवित हों।

स्टाफ की तैनाती पर निर्णय शेष

इन नए केंद्रों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की तैनाती को लेकर अंतिम निर्णय हेल्थ विभाग द्वारा लिया जाएगा। वर्तमान में विभाग पहले ही स्टाफ की कमी से जूझ रहा है, ऐसे में नए स्टाफ की भर्ती की जाएगी या फिर मौजूदा स्टाफ को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जाएगी, इस पर फैसला निकट भविष्य में लिया जाएगा।

जिले में पहले से चल रहे 46 क्लीनिक

फिलहाल जिले में 46 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं, जिनमें से 11 को आयुष्मान आरोग्य केंद्र के रूप में पुनः नामित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 126 हैल्थ एंड वैलनैस सैंटर और 17 प्राइमरी हैल्थ सैंटरों का भी नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य केंद्र किया गया है। इन केंद्रों पर मरीजों को 80 प्रकार की फ्री दवाइयां, सामान्य रोगों का इलाज, डैंटल व स्किन से संबंधित उपचार व निःशुल्क लैब टैस्ट की सुविधा दी जाती है।

ओ.पी.डी. दबाव घटाने के लिए बनेंगे नए केंद्र

जिन आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में ओ.पी.डी. का दबाव अत्यधिक है, वहां मरीजों की भीड़ को कम करने व ओ.पी.डी. का दबाव घटाने के लिए उनके नजदीक और केंद्र खोले जा सकते हैं। इस पहल से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि सरकारी अस्पतालों पर बोझ कम होगा। जिले में चल रही यह स्वास्थ्य पहल, खासकर ग्रामीण व शहरी गरीब तबकों को बड़ा लाभ देगी। केंद्रों के निर्माण से न केवल स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी, बल्कि समय रहते उपचार मिलने से गंभीर बीमारियों की रोकथाम भी संभव हो सकेगी। जिला प्रशासन, नगर निगम और सेहत विभाग की यह संयुक्त पहल जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित कर सकती है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here  

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!