ट्रेन चलाने का ठेका प्राइवेट कंपनियों को देने की तैयारी कर रहा रेल मंत्रालय

Edited By Vatika,Updated: 21 Jun, 2019 03:16 PM

railway ministry preparing to give contract to private companies

भारतीय रेलवे बेहतर यात्री सुविधाओं के नाम पर जल्द ही निजी कंपनियों को ठेका देने की तैयारी में है। अभी तक रेल यात्रियों को खाना व अन्य सुविधाएं देने वाली इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरि’म कार्पोरेशन (आई.आर.सी.टी.सी.) अब आने वाले दिनों में ट्रेन भी...

जालंधर (गुलशन): भारतीय रेलवे बेहतर यात्री सुविधाओं के नाम पर जल्द ही निजी कंपनियों को ठेका देने की तैयारी में है। अभी तक रेल यात्रियों को खाना व अन्य सुविधाएं देने वाली इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरि’म कार्पोरेशन (आई.आर.सी.टी.सी.) अब आने वाले दिनों में ट्रेन भी चलाएगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक अगले 100 दिनों में इसके लिए ठेका देने की प्रक्रिया शुरू होगी। ट्रेनों का संचालन कम भीड़ और पर्यटन से जुड़े रूट पर होगा।

जानकारी के मुताबिक अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो प्रयोग के तौर पर शुरुआत में रेलवे आई.आर.सी.टी.सी. को 2 ट्रेनों के संचालन की जिम्मेदारी देगा।
टिकट और ऑन बोर्ड सेवा आई.आर.सी.टी.सी. द्वारा दी जाएगी और इसके बदले रेलवे को एकमुश्त राशि प्राप्त होगी। ये ट्रेन ‘कम भीड़ और महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों’ पर संचालित की जाएंगी। हालांकि ये कौन-कौन से रूट और पर्यटन स्थल होंगे, इसका फैसला रेलवे ही करेगा। माना जा रहा है कि ये ट्रेन टूरिस्ट और बड़े शहरों का सफर तय करेंगी। इसके अलावा रेलवे ट्रेन के रैकों की जिम्मेदारी भी आई.आर.सी.टी.सी. को ही देगी। रेलवे प्राइवेट कंपनियों को इ‘छा प्रकट करने का मौका देगी, ताकि पता लगाया जा सके कि रात-दिन चलने वाली इन ट्रेन के लिए कौन-कौन सी कंपनियां इच्छुक हैं। निजी कंपनियों को ठेका देने से पहले ट्रेड यूनियनों से परामर्श किया जाएगा। 


यात्रियों से सबसिडी छोडऩे की भी की जाएगी अपील
इसके अलावा रेलवे यात्रियों से बड़े स्तर पर सबसिडी छोडऩे की अपील करने की तैयारी में है। इसके लिए रेल टिकट खरीदते और बुक करते समय सबसिडी छोडऩे की अपील की जाएगी। हालांकि यात्रियों के पास यह विकल्प होगा कि वे सबसिडी छोड़ें या फिर न छोड़ें। सबसिडी छोडऩे की अपील उ"वला योजना की तरह ही की जाएगी। बता दें कि उ"वला योजना में मोदी सरकार ने लोगों से गैस सिलैंडर में मिलने वाली सबसिडी को छोडऩे की अपील की थी जिसका सरकार को व्यापक स्तर पर फायदा मिल रहा है।

प्रॉफिट में चल रही हैं प्रीमियम ट्रेन 
रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेन प्रॉफिट में चल रही हैं, लिहाजा ऐसी ट्रेन के संचालन का काम प्राइवेट कंपनियां लेने की ’यादा इ‘छुक होंगी। रेल मंत्रालय का फोकस है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रीमियम ट्रेन चलाने का परमिट जल्द से जल्द निजी हाथों में सौंपा जाए। 

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